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“केंद्र की 2025 तक चमड़ा निर्यात में 10 अरब डॉलर तक पहुँचने की मंशा”- पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार (17 नवंबर) को कहा कि भारत के चमड़ा उद्योग को विश्व में नंबर-1 बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में जानकारी दी गई कि आज चमड़ा निर्यात परिषद् (सीएलई) के राष्ट्रीय निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कार प्रस्तुति समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पहले से ही विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चमड़ा उद्योग है।

पीयूष गोयल ने कहा, “मैं बहुत अधिक संतुष्ट महसूस करता हूँ कि आप 2025 तक कम से कम 10 अरब डॉलर तक पहुँचने की मंशा रखते हैं। हालाँकि, यह अब भी आपको केवल 15-17 प्रतिशत की वृद्धि दर देता है, जबकि आप सभी की क्षमता को देखते हुए मुझे लगता है कि हम और भी महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।”

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोल्हापुरी चप्पल अकेले 1 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है।

पीयूष गोयल ने चमड़ा उद्योग से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने, योजनाओं को आरंभ करने, भूमि उपलब्ध करवाने (सब्सिडी दरों पर) और पीएलआई के लिए सरकार की प्रतीक्षा ना करें। ये सभी चीजें आपकी प्रगति को बाधित करेंगी।

उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार चमड़े के समूहों के निकट बीआईएस मानक प्रयोगशालाओं की स्थापना करके चमड़ा उद्योग को लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा, “आपका उद्योग नवोन्मेषण, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों, डिजाइन, निर्यात में अच्छी पहचान के लिए विश्व के बाज़ारों में सबसे आगे रहा है।”