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केंद्र का दूरसंचार कंपनियों के मुकदमों को न्यायालय के बाहर निपटाने पर विचार- रिपोर्ट

गत माह प्रमुख दूरसंचार सुधारों की घोषणा के बाद अब केंद्र सरकार दूरसंचार कंपनियों के साथ चल रहे कानूनी मामलों के बोझ को कम करने हेतु उनके निपटारे पर विचार कर रही है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र न्यायालय के बाहर समझौता प्रक्रिया के माध्यम से दूरसंचार कंपनियों के साथ चल रहे मामलों को निपटाने पर विचार कर रहा है।

इसके अतिरिक्त, केंद्र मौजूदा स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) को भी समाप्त करने पर विचार कर रहा है।

रिपोर्ट में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा गया, “दूरसंचार कंपनियाँ और सरकार कई न्यायालयी मामलों में फँसे हुए हैं। इससे केवल वकील ही लाभान्वित हो रहे हैं। दूरसंचार कंपनियाँ स्वयं चाहती हैं कि इन न्यायालयी मामलों का शीघ्र निपटारा हो और सरकार भी दूरसंचार कंपनियों पर बोझ कम करना चाहती है, ताकि इस क्षेत्र का विकास हो सके।”

अधिकारी ने कहा कि आयकर विभाग की विवाद से विश्वास कर विवाद समाधान योजना के समान एक तंत्र दूरसंचार क्षेत्र में कानूनी मामलों को कम करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।

आयकर संबंधी कानूनी मामलों को कम करने के लिए मार्च 2020 में विवाद से विश्वास योजना शुरू की गई थी। इसने करदाताओं को अधिकारियों द्वारा समग्र मांग के केवल कर घटक का भुगतान करके अपना बकाया चुकाने की अनुमति दी, जबकि ब्याज और जुर्माना राशि के हिस्से को सरकार द्वारा माफ कर दिया गया था।

हालाँकि, अधिकारी ने कहा कि योजना का विवरण अभी भी विचाराधीन है और अभी इस पर काम किया जाना है।