समाचार
गंगा मशाल यात्रा ऋषिकेश से आरंभ, 23 तटों का भ्रमण कर लोगों को करेगी जागरूक

उत्तराखंड के ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगा मशाल ने औपचारिक रूप से अपनी यात्रा का शुभारंभ किया। गंगा नदी के किनारे कुल 23 स्थानों की मशाल यात्रा करेगी, जो स्थानीय लोगों और नमामि गंगे स्वयंसेवकों को संवेदनशील बनाने में सहायता करेगी।

जल शक्ति मंत्रालय ने सोमवार (8 नवंबर) को कहा, “जिला प्रशासन के साथ गंगा विचार मंच, गंगा दूत (एनवाईकेएस), गंगा प्रहरी, गंगा मित्र जैसे संगठनों के स्वयंसेवक भी पश्चिम बंगाल में गंगा सागर तक गंगा मशाल ले जा रहे गंगा कार्य बल (जीटीएफ) के वीर जवानों की सहायता करेंगे।”

गंगा उत्सव के अंतिम दिन 3 नवंबर को नई दिल्ली से केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरण रिजिजू और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गंगा मशाल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश में गंगा मशाल का त्रिवेणी घाट पर स्वागत किया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना, स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, गंगा आरती और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) व राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के स्कूली बच्चों और युवाओं द्वारा कई अन्य सांस्कृतिक प्रदर्शन किए गए।

मंत्रालय ने कहा कि गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी (4 नवंबर) के रूप में घोषित करने की वर्षगाँठ पर स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) हर वर्ष गंगा उत्सव मनाता है। उत्सव का उद्देश्य हितधारक जुड़ाव को बढ़ावा देना और सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

मंत्रालय ने कहा कि गंगा उत्सव 2021- नदी उत्सव का पाँचवाँ संस्करण नई दिल्ली में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित हुआ था। इसमें गंगा डायलॉग, कहानी जंक्शन, लाइव पेंटिंग, फोटो प्रदर्शनी जैसी कई गतिविधियाँ हुई थीं।

150 से अधिक जिलों में पहले ही नदी उत्सव आयोजित किए जा चुके हैं और आने वाले महीनों में भी कई और जिलों में ऐसा करना जारी रहेगा।