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गेल इंडिया की 2030 तक अक्षय ऊर्जा में ₹26,000 करोड़ निवेश करने की योजना

गेल इंडिया अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो में 26,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की वर्ष 2030 तक योजना बना रही है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में गेल इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनोज जैन के हवाले से कहा गया, “हम 3 वर्ष में अक्षय खंड में 6,000 करोड़ रुपये और 2030 तक 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। यह हाइड्रोजन के मोर्चे पर कुछ तकनीकी पहलुओं पर निर्भर है, जिस पर कंपनी कार्य कर रही है।”

मनोज जैन ने कहा, “कंपनी अभी तरल हाइड्रोजन क्षमता में वृद्धि कर रही है और प्रतिकृति पर हुई प्रगति उसके समग्र निवेश को प्रभावित करेगी। अब 18 माह बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।”

वर्तमान में गेल इंडिया तरल हाइड्रोजन के लिए 10 मेगावॉट की सुविधा खरीदने की प्रक्रिया में है, जो देश में सबसे बड़ी होगी। इसके साथ ही वह एक इलेक्ट्रोलाइज़र की भी तलाश में है।

मनोज जैन ने कहा, “कंपनी आगामी तीन वर्षों में एक गीगावॉट अक्षय क्षमता पर विचार कर रही है। हालाँकि, लंबी अवधि के नज़रिए और हरित हाइड्रोजन के साथ यह अक्षय क्षमता के लिए तीन गीगावॉट की तलाश कर रही है।”

उन्होंने कहा, “वर्ष 2030 तक लगभग 50,000 टन प्रति वर्ष हाइड्रोजन उपलब्ध होगी, जिसमें से 35,000 टीपीए इस बात पर निर्भर करेगी कि 18 माह बाद चीजें कैसी होंगी।”

जैन ने कहा कि वर्ष 2030 तक गेल के पोर्टफोलियो का 10 प्रतिशत हाइड्रोजन प्लस अक्षय होना चाहिए।