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गगनयान- नियंत्रण केंद्र, अंतरिक्ष यात्रियों के पुनर्वास इकाई गुजरात में बनने की संभावना

इसरो गुजरात में अपने पहले मिशन गगनयान सहित भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को पूरा करने के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। हालाँकि, 29 नवंबर तक इस संबंध में कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, 5 माह पूर्व गुजरात में नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का विश्लेषण करने के लिए अचानक बैठक हुई थी। इसमें एक नियंत्रण केंद्र बनाने के बारे में चर्चा हुई थी।

बेंगलुरु में इसट्रैक ने विशेष रूप से गगनयान के लिए नवीनीकरण शुरू किया। कुछ सप्ताह बाद गुजरात में संभावित अंतरिक्ष यात्रियों के पुनर्वास केंद्र के बारे में एक और चर्चा हुई। विगत कई सप्ताहों से इसरो के कई वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों के साथ बात की जा रही है और उन्हें कहा गया है कि कुछ भी बनाने के लिए कोई औपचारिक आदेश नहीं दिया गया है लेकिन व्यवहार्यता की जाँच के बारे में तदर्थ निर्देश हैं।

इसरो अध्यक्ष के सिवन ने बताया, “गगनयान किसी भी अन्य मिशन के विपरीत कई राष्ट्रीय एजेंसियों और प्रयोगशालाओं को सम्मिलित करते हुए बहुत बड़ा है। संसाधनों के इष्टतम उपयोग, विभिन्न तकनीकी पहलुओं और मानव सुरक्षा पर विचार करने के लिए कई स्थानों पर सुविधाओं का प्रसार करना आवश्यक है। किसी को इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह वास्तव में नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण है।”

एक अधिकारी ने कहा, “लैंडिंग के बाद चालक दल को पुनर्वास की आवश्यकता होगी और ऐसा केंद्र समुद्र के निकट होना चाहिए। इस सेंटर में मेडिकल और अन्य सुविधाएँ होंगी। अगर बंगाल की खाड़ी को अंत में लैंडिंग के लिए उचित माना जाता है तो वेस्ट कोस्ट पर एक पुनर्वसन केंद्र बन सकता है। अधिकतर श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट की तरह। इसके अतिरिक्त, हमारे पास बैकअप केंद्र हो सकते हैं।”