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फ्यूचर रिटेल के रिलायंस में विलय पर रोक, सर्वोच्च न्यायालय का अमेज़ॉन के पक्ष में निर्णय

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार (6 अगस्त) को अमेज़ॉन के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के रिलायंस रिटेल में विलय होने के 24,000 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगा दी।

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, “फ्यूचर रिटेल के साथ विलय के सौदे पर रोक लगाने का निर्णय भारतीय कानूनों के तहत वैध और लागू करने योग्य है। सिंगापुर में आया आपातकालीन मध्यस्थ (ईए) का निर्णय भारत में लागू है। उसने इस पर रोक लगाई थी।”

बता दें कि अमेज़ॉन इस सौदे के विरोध में है। पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने फ्यूचर रिटेल को आपातकालीन मध्यस्थ के आदेश को मानने के लिए कहा था। इसके बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय में दलील दी कि भारतीय कानूनों में इस तरह के आपातकालीन अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ की कोई मान्यता नहीं है।

फिर अमेज़ॉन ने भी सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, जिसने रिलायंस और फ्यूचर रिटेल के सौदे को अपनी अनुमति दे दी थी। फ्यूचर की ओर से तर्क दिया गया था कि मध्यस्थता और सुलह पर भारतीय कानून के तहत ईए की कोई धारणा नहीं है। इस आशय का कोई मध्यस्थता समझौता नहीं था।

इस पर पीठ ने 8 फरवरी को सौदे के संबंध में एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें उन्होंने फ्यूचर रिटेल और विभिन्न वैधानिक निकायों से यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा था।