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फ्रांसीसी कैथोलिक चर्चों में 1950 से अब तक 2 लाख से अधिक बच्चों का हुआ शोषण

फ्रांसीसी कैथोलिक चर्च के भीतर यौन शोषण की एक रिपोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि 1950 के बाद से पादरियों ने लगभग 2,16,000 बच्चों का शोषण किया। यह जानकारी मंगलवार (5 अक्टूबर) को रिपोर्ट को संकलित करने वाले आयोग के प्रमुख जीन मार्च सॉवे ने दी।

आयोग ने खुलासा किया कि बच्चों का शोषण करने वाले 2,900 और 3,200 पादरी या अन्य सदस्य चर्च से जुड़े रहे। हालाँकि, जीन-मार्क सॉवे ने कहा कि यह न्यूनतम अनुमान था।

एक स्वतंत्र आयोग द्वारा तैयार किए गए 2,500-पृष्ठों के दस्तावेज में फ्रांसीसी कैथोलिक चर्च आते हैं, जो अन्य देशों में भी हैं। वे लंबे समय से इस तरह के शर्मनाक रहस्यों को छिपाए हुए थे।

सॉवे ने कहा कि समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने यह लिखा कि चर्च ने 2000 के दशक तक पीड़ितों के प्रति पूर्ण उदासीनता दिखाई थी। उसने 2015-2016 में अपना दृष्टिकोण बदलना शुरू किया था।

उन्होंने कहा कि चर्च ने दुर्व्यवहार को रोकने के लिए कोई आवश्यक उपाय नहीं किए बल्कि अपनी आंखें बंद किए रहे। वे दुर्व्यवहार की रिपोर्ट करने में विफल रहे और कभी-कभी जानबूझकर बच्चों को ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में रखा।

फ्रांस और दुनिया भर में चर्च को हिला देने वाले कई घोटालों के जवाब में फ्रांस के बिशप सम्मेलन (सीईएफ) और राष्ट्रीय कलीसिया सम्मेलन (सीओआरआरईएफ) द्वारा 2018 में स्वतंत्र आयोग की स्थापना की गई थी। आयोग ने 2.5 वर्ष तक दस्तावेज जुटाए। पीड़ितों और गवाहों की बात सुनी और 1950 के दशक से चर्च, अदालत, पुलिस और प्रेस अभिलेखागार का अध्ययन किया।