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अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई हशमत ने तालिबान से मिलाया हाथ

तालिबान के नियंत्रण में अफगानिस्तान के आने के बाद देश छोड़कर भागे पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई ने अब आतंकवादी समूह का दामन थाम लिया है। कहा जा रहा है कि कथित तौर पर हशमत गनी अहमदजई ने तालिबान से हाथ मिलाया है।

टीवी 9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, कहा जा रहा है कि कुचिस की ग्रैंड काउंसिल के प्रमुख हशमत गनी अहमदजई ने तालिबानी नेता खलील-उर-रहमान और मजहबी नेता मुफ्ती महमूद ज़ाकिर की उपस्थिति में तालिबान के लिए अपने समर्थन की घोषणा की है।

बता दें कि अशरफ गनी अपने परिवार के साथ संयुक्त अरब अमीरात में हैं। उनके ऊपर रुपये लेकर देश से भागने का आरोप लगा था। हालाँकि, अपनी फेसबुक पोस्ट में उन्होंने इन बातों का खंडन किया। उन्होंने सफाई दी थी कि मैं सिर्फ एक जोड़ी कपड़े लेकर अफगानिस्तान से निकला हूँ।

उन्होंने कहा था, “मेरी मंशा देश से भागने और उसे छोड़ने की नहीं थी। मैं हिंसा रोकने के लिए संयुक्त अरब अमीरात में हूँ। मैं अपने देश आने के रास्ते ढूँढ रहा हूँ। मैं अफगानी संप्रभुता और सही मायने में इस्लामिक मूल्यों को बहाल करने की लड़ाई लड़ता रहूँगा।”

उधर, हाल ही में अमरुल्ला सालेह ने अफगानिस्तान के संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्वयं को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया था। उन्होंने कहा था, “चूँकि, राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने प्रभावी रूप से अपनी जिम्मेदारियों और पद को खाली छोड़ दिया है। मैं वर्तमान में अफगानिस्तान का वैध कार्यवाहक राष्ट्रपति हूँ क्योंकि मैं देश में हूँ।”