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अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद असम-मिज़ोरम के मुख्यमंत्री विवाद खत्म करने आगे आए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद असम और मिज़ोरम के मुख्यमंत्रियों हिमंत बिस्वा सरमा और जोरमथंगा ने शत्रुता को कम करते हुए वार्ता के माध्यम से शांति पर पहुँचने के लिए तत्परता दिखाने के संकेत दिए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह विकास असम-मिज़ोरम सीमा पर विवाद भड़कने के छह दिन बाद आया है, जिसमें मिज़ोरम पुलिस की गोलीबारी में असम के छह पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

दोनों राज्यों के बीच बढ़ते तनाव के मध्य अमित शाह ने सरमा और जोरमथंगा से फोन पर अलग-अलग वार्ता की। इसके बाद जोरमथंगा ने अपने समकक्ष को फोन किया और दोनों नेताओं ने अपने कदम पीछे खींच लिए।

मिज़ोरम सरकार ने भी हिमंत बिस्वा सरमा और असम सरकार के छह शीर्ष अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज की गई हालिया प्राथमिकी को वापस लेने का निर्णय किया है। राज्य के मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिकी वापस ले ली जाएगी क्योंकि जोरमथंगा ने वास्तव में इसे स्वीकार नहीं किया है।

उधर, असम मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर केंद्र पहल करता है तो हमें बात करने में कोई समस्या नहीं। असम मिज़ोरम सरकार से किसी भी समय और किसी भी स्थान पर वार्ता करने के लिए तैयार है। फिर चाहे वह गुवाहाटी हो, एज़ौल हो या नई दिल्ली हो। अगर मिज़ोरम के मुख्यमंत्री चाहते हैं कि चर्चा करें तो हम हमेशा उपलब्ध हैं।”

सरमा ने कहा, “हमें ये बार-बार होने वाली झड़पें पसंद नहीं हैं। हम विकास के लिए आए हैं और ये तनाव एक बड़ी बाधा है।” सरमा का यह बयान तब आया, जब जोरमथंगा ने ट्वीट किया कि दोनों पक्ष सार्थक वार्ता के माध्यम से सीमा मुद्दे को हल करने के लिए सहमत हुए थे।