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वंदे भारत ट्रेन के पहियों की पहली खेप 12 मई को चेन्नै हवाई अड्डे पर पहुँचेगी

वंदे भारत ट्रेन के लिए 40 से अधिक पहियों की पहली खेप 12 मई को चेन्ने हवाई अड्डे पर पहुँचेगी क्योंकि केंद्र सरकार ने यूक्रेन में युद्ध के चलते उपजे विवाद के मुद्दे को अब सुलझा लिया है।

16-कोच वाली वंदे भारत ट्रेन के नए संस्करण के लिए कुल 128 पहिए रोमानिया से चेन्नै के लिए एयरलिफ्ट किए जाएँगे। चेन्नै में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री वंदे भारत ट्रेन का निर्माण कर रही है।

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि 12 मई से पहियों को ले जाने वाला एयर कार्गो अभियान तीन दिन तक जारी रहेगा। पहियों को अभी रोमानिया ले जाया जा रहा है।

चूँकि, एयर कार्गो द्वारा सभी पहियों को एक बार में ले जाना संभव नहीं था इसलिए परिवहन तीन दिनों में किया जाएगा।

युद्ध की वजह से यूक्रेन से पहियों को लाना प्रभावित हुआ और परिणामस्वरूप पहले नमूने की शुरुआत करने में भी देरी हुई। वैसे चेन्नै में पहियों के आने में लगभग एक माह का समय लगता था। ऐसे में अब यूक्रेन से एयर कार्गो से लगभग 7 घंटे में आ जाएँगे।

रेलवे के मुताबिक वंदे भारत के एक पहिये की कीमत करीब 80,000 रुपये आँकी गई है। अब इस मुद्दे के हल होने के साथ वंदे भारत जुलाई तक परीक्षण दौड़ के लिए तैयार हो जाएगी। सुरक्षा स्वीकृति सहित परीक्षण दौड़ दो माह में पूरा होने की अपेक्षा है।

बता दें कि अगली पीढ़ी की वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन इस साल सितंबर में होना है। रेलवे ने इनको शताब्दी और इंटरसिटी के रास्तों पर चलाने की योजना बनाई है।