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असम के लीलाबाड़ी में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए पहले उड़ान प्रशिक्षण संगठन का उद्घाटन

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (12 अप्रैल) को असम के लीलाबाड़ी में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए पहले उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) का उद्घाटन किया।

जून 2022 तक भारत के पाँच हवाई अड्डों में स्थापित होने वाले नौ एफटीओ में लीलाबाड़ी भी सम्मिलित है, जिसमें कर्नाटक में बेलागवी व कलाबुरागी, महाराष्ट्र में जलगाँव और मध्य प्रदेश में खजुराहो सम्मिलित हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि रेडबर्ड एविएशन ने लीलाबाड़ी में एफटीओ स्थापित करने का अधिकार प्राप्त कर लिया है।

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने एफटीओ के लिए भूमि पट्टे पर दी है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से वैधानिक स्वीकृति की सुविधा प्रदान की है।

इन एफटीओ की स्थापना के साथ भारत पायलट प्रशिक्षण के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने का लक्ष्य रखेगा।

वर्तमान में लीलाबाड़ी में रेडबर्ड एविएशन ने उड़ान प्रशिक्षण के लिए दो विमान तैनात किए हैं- टेकनेम पी2008जेसी सिंगल इंजन और टेकनेम पी2006टी मल्टी-इंजन – जिसे अंततः वर्ष के अंत तक बढ़ाकर पाँच कर दिया जाएगा।

एफटीओ में नामाँकन प्रक्रिया एक ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के साथ होगी, जो हर कुछ महीनों में आयोजित की जाती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विद्यार्थियों को एयरलाइंस, निजी चार्टर सेवाओं, एयर एम्बुलेंस, सरकारी पायलट नौकरियों, कार्गो-मालवाहक सेवाओं में नियोजित किया जा सकता है।

इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “असम पूर्वोत्तर का विकास इंजन बनता जा रहा है। लीलाबाड़ी हवाई अड्डे का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2003-2004 में किया था और आज पूर्वोत्तर में पहला एफटीओ खोलकर इसे उचित महत्व दिया जा रहा है।