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केरल में प्रतिदिन 20,000 से अधिक मामले, विशेषज्ञों ने दी तीसरी लहर की चेतावनी

विशेषज्ञ और महामारीविदों ने चेतावनी दी है कि केरल में कोविड-19 के मामलों में हालिया वृद्धि महामारी की तीसरी लहर की शुरुआत का संकेत दे सकती है।

केरल ने आधिकारिक तौर पर इसे तीसरी लहर नहीं कहा लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मई के मध्य में दूसरी लहर के चरम पर पहुँचने और फिर उसके स्थिर रहने के बाद मामले पुनः बढ़ रहे हैं। 4 जून से जुलाई के अंतिम सप्ताह तक प्रतिदिन 12,000 से 14,000 मामलों के बाद केरल गत छह दिनों में प्रतिदिन 20,000 से 22,000 मामले दर्ज कर रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और महामारी विज्ञानी डॉ रमन कुट्टी के हवाले से कहा, “वृद्धि संकेत देती है कि यह तीसरी लहर की शुरुआत हो सकती है। हमें अभी सावधान रहने की आवश्यकता है। हमारे पास एक बड़ी अतिसंवेदनशील आबादी है। सरकार को नई कोविड-19 लहर से निपटने के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति के साथ आने की आवश्यकता है।”

केरल में देश की तीन प्रतिशत आबादी के साथ उसके यहाँ निकलने वाले मामले पूरे भारत के 51 प्रतिशत हैं। इसकी सात दिन की औसत दैनिक वृद्धि दर 0.60 प्रतिशत है, जबकि पूरे देश में यह 0.13 प्रतिशत है। ओणम के दौरान ये संख्या और बढ़ने की अपेक्षा है।

अब तक केरल के करीब 17 प्रतिशत लोगों को ही पूरी तरह से टीका लगा है। वहाँ सबसे प्रमुख वायरस का डेल्टा प्रकार मौजूद है, जिसमें राज्य में परीक्षण किए गए 95 प्रतिशत नमूनों में इसकी उपस्थिति दिखाई दी है।