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अनिल देशमुख धन शोधन व भ्रष्टाचार के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख को धन शोधन और भ्रष्टाचार के मामले में शनिवार (6 नवंबर) को एक विशेष अवकाशकालीन न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मामले की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल देशमुख की 9 दिनों की और रिमांड मांगी थी लेकिन न्यायालय ने जाँच एजेंसी की याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने सोमवार देर रात 12 घंटे की पूछताछ के बाद देशमुख को गिरफ्तार किया था। एक न्यायालय ने मंगलवार को उन्हें 6 नवंबर तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया था।

देशमुख और अन्य के विरुद्ध धन शोधन का मामला सीबीआई द्वारा मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा किए गए कम से कम 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज किए जाने के बाद सामने आया था।

इस वर्ष मार्च में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि देशमुख ने लाभ लेने के लिए अपने पद और शक्तियों का दुरुपयोग किया। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और अन्य को एक महीने में बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये एकत्रित करने का निर्देश दिया था।

इसके अतिरिक्त, ईडी ने अनिल देशमुख और उनके सहयोगियों के विरुद्ध जाँच शुरू की थी, जब सीबीआई ने 21 अप्रैल को एनसीपी नेता के विरुद्ध भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।

इस मामले में देशमुख के अतिरिक्त ईडी ने उनके दो सहयोगियों कुंदन शिंदे और संजीव पलांडे को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल, दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।