इन्फ्रास्ट्रक्चर
टाटा पावर ने 1,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन का कीर्तिमान बनाया, 10,000 का लक्ष्य

भारत के सबसे बड़े एकीकृत निजी क्षेत्र के उद्यमों में से एक, टाटा पावर के वर्तमान में देश भर में 1,000 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 10,000 घरेलू ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं जिससे वाहन स्वामियों के लिए ईवी चार्जिंग अत्यधिक सरल और सुलभ बन रही है।

मुंबई में पहला ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने के बाद अब टाटा पावर के ईवी चार्जिंग पॉइंट देश भर के 180 से अधिक शहरों में दिख जाएँगे। साथ ही कई प्रकार के व्यापार मॉडलों और बाज़ार श्रेणियों के तहत कई राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी वे दिखेंगे।

कंपनी का उद्देश्य है कि वह देश भर में 10,000 चार्जिंग स्टेशन बनाए और राजमार्गों के पूरे क्षेत्र को ई-राजमार्ग में परिवर्तित कर दे। टाटा पावर के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र में 1,000 ईवी चार्जिंग बिंदु बनाकर कंपनी ने देश में ईवी क्रांति के कई मील के पत्थरों में से पहला प्राप्त कर लिया है।

सिन्हा कहते हैं, “इससे टाटा पावर देश का सबसे बड़ा ईवी चार्जिंग समाधान प्रदाता बन गया है। हमारी नवोन्मेषी और सहभागिता की पद्धति से इस पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने और देश में ईवी स्वीकार्यता को प्रोत्साहित करने में बड़ा सहयोग हुआ है।”

“देश को हरित परिवहन की ओर ले जाने के लिए अन्य हितधारकों के साथ मिलकर हम एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”, उन्होंने आगे कहा।

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास

टाटा पावर ने टाटा मोटर्स लिमिटेड, एमजी मोटर्स इंडिया लिमिटेड, जैग्वार लैंड रोवर, टीवीएस और अन्य कंपनियों के उपभोक्ताओं और विक्रेताओं को ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए समझौते और साझेदारियाँ की हैं।

इसके अतिरिक्त, कई राज्यों की परिवहन सुविधाओं के साथ सहभागिता में ई-बस चार्जिंग को भी सरल बनाया जा रहा है जिससे सार्वजनिक परिवहन भी हरित हो सके। टाटा पावर आईओसीएल, एचपीसीएल, आईजीएल, एमजीएल और कई राज्य सरकारों के साथ मिलकर भी पर्यावरण अनुकूल वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर काम कर रही है।

ईवी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ कंपनी ने इलेक्ट्रिक तिपहिया एवं दुपहिया वाहनों के क्षेत्र में भी पैर पसारना आरंभ कर दिया है। विश्व के सबसे बड़े दुपहिया एवं तिपहिया वाहनों के निर्माताओं में से एक, टीवीएस के साथ टाटा पावर ने एक रणनीतिक समझौते की घोषणा की थी।

इस माह की शुरुआत में हुए इस समझौते के तहत ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्टर (ईवीसीआई) की तैनाती की गति बढ़ाई जाएगी और टीवीएस मोटर सुविधाओं पर सौर ऊर्जा तकनीकें स्थापित की जाएँगी। साथ ही भारत में इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इस समझौते की योजना एक वृहद् दुपहिया चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की है।

हाल ही में टाटा पावर ने एचपीसीएल के साथ साझेदारियों की घोषणा की जिसमें उनके खुदरा केंद्रों पर छोर से छोर तक ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध करवाए जाएँगे। साथ ही अचल संपत्ति कंपनी लोढा समूह के साथ भी समझौता हुआ है जिसमें मुंबई में उसके व्यवसायिक एवं आवासीय भवनों में टाटा की ईवी चार्जिंग सुविधा होगी।

ईवी चार्जिंग के ग्राहकों के लिए कंपनी ने एक मज़बूत सॉफ्टवेयर मंच भी तैयार किया है और टाटा पावर ईज़ीचार्ज नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन भी जारी की गई है जो ग्राहकों को एक सरल और सीधा चार्जिंग अनुभव देगी। इस ऐप के माध्यम से चार्जिंग स्टेशनों को खोजा जा सकता है और ईवी चार्जिंग के बाद ऑनलाइन भुगतान भी किया जा सकता है।

भारत में ईवी बाज़ार

नीति आयोग ने “इंडियाज़ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ट्रान्सफॉरमेशन” नामक एक पत्र अप्रैल 2019 में प्रकाशित किया था जिसमें अनुमान लगया गया था कि 2030 तक भारत में ईवी की बिक्री व्यावसायिक वाहनों में 70 प्रतिशत, निजी वाहनों में 30 प्रतिशत, बसों में 40 प्रतिशत और दुपहिया एवं तिपहिया वाहनों में 80 प्रतिशत होगी।

यदि इन लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया जाता है तो इलेक्ट्रिक वाहनों के जीवनकाल में 14 एक्साजूल ऊर्जा एवं 84.6 करोड़ टन सीओ2 का उत्सर्जन कम होगा। 2030 तक बेचे गए ईवी अपने जीवनकाल में 47.4 करोड़ टन तेल यानी 207.33 अरब डॉलर की बचत करेंगे।

चार्जिंग स्टेशनों की कमी पर चिंता व्यक्त की गई है लेकिन टाटा पावर के प्रयासों से लगता है कि लंबे समय तक इसकी चिंता नहीं करनी होगी। साथ ही, कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने परिवहन रणनीति योजनाएँ विकसित की हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, समावेशी, स्सती और पर्यावरण अनुकूल परिवहन विकल्प देने का है।

सोमवार (25 अक्टूबर) को गुजरात सरकार ने गो-ग्रीन योजना शुरू की जिससे निर्माण एवं औद्योगिक कारीगरों को सब्सिडू पर दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन मिलेंगे। यह योजना ईवी के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी, तेल मूल्यों को कम करेगी और वाहन उत्सर्जनों को कम करके पर्यावरण की सहायता करेगी।

अपेक्षा है कि अन्य राज्यों में भी ऐसी पहलें देखने को मिलेंगी। चार्जिग इंफ्रास्ट्रक्टर के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के विकल्पों तो तैयार करने में भी टाटा अच्छा काम कर रहा है जिसे समझने के लिए यह पढ़ें