अर्थव्यवस्था
ईपीएफओ ने जुलाई में जोड़े 14.65 लाख नए लोग, मॉन्सटर रोजगार रिपोर्ट भी सकारात्मक

सोमवार (20 सितंबर) को भारत में नौकरियों से संबंधित दो रिपोर्ट्स सामने आईं, एक तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की, और दूसरी, मॉन्सटर रोजगार सूचकांक तथा दोनों ही रिपोर्ट्स सकारात्मक संकेत देती हैं।

एक ओर ईपीएफओ के प्रावधानिक पेरोल आँकड़ों से पता चलता है कि ईपीएफओ ने जुलाई 2021 के दौरान लगभग 14.65 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े हैं। वहीं, मॉन्सटर.कॉम की रिपोर्ट बताती है कि अगस्त में नौकरियों में नियुक्ति में 1 प्रतिशत की वृद्धिशील बढ़त देखी गई।

चूँकि हमारे पास ईपीएफओ का जुलाई का आँकड़ा है तो हम मॉन्सटर रोजगार सूचकांक की भी जुलाई की ही रिपोर्ट से उसकी तुलना करेंगे जो मासिक रूप से प्रकाशित होती है। ईपीएफओ में पिछले चार महीनों (अप्रैल, मई, जून और जुलाई) के दौरान कुल पेरोल में बढ़ोतरी रोजगार में वृद्धि को दर्शाती है।

यह बात मॉन्सटर.कॉम की रिपोर्ट से पूर्णतः मेल खाती है जहाँ मॉन्सटर रोजगार सूचकांक मार्च की तुलना में अप्रैल में गिरने के बाद, अप्रैल से जुलाई तक लगातार वृद्धि की ओर है। साथ ही, नियुक्ति गतिविधि में 2020 की तुलना में मई, जून और जुलाई में वृद्धि देखी गई है।

जुलाई 2021 के दौरान ईपीएफओ नेट सब्सक्राइबर की संख्या जून 2021 की तुलना में 31.28 प्रतिशत बढ़ी है। जबकि मॉन्सटर.कॉम के अनुसार नियुक्ति गतिविधि में जून की तुलना में जुलाई में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हालाँकि, मॉन्सटर रोजगार सूचकांक नियुक्ति आमंत्रित करने की ऑनलाइन गतिविधि के आधार पर बनाया गया है और इसमें ऑफलाइन गतिविधि को न जोड़ने के कारण ईपीएफओ की तुलना में इसका आँकड़ा कम है।

दोनों आँकड़ों में अंतर का दूसरा कारण यह हो सकता है कि महाविद्यालयों में प्लेसमेंट प्रक्रिया के बाद अधिकांश अभ्यर्थियों को जुलाई से ईपीएफओ में जोड़ा जाता है, ऐसे में उनकी नियुक्ति पहले ही हो चुकी है लेकिन ईपीएफओ से वे जुलाई में जुड़े इसलिए ईपीएफओ आँकड़े में बड़ी वृद्धि देखने को मिली।

इस बात की पुष्टि हम इससे भी कर सकते हैं कि जुलाई में लगभग 9.02 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफओ के सामाजिक सुरक्षा दायरे में आए हैं जो कि इस वर्ष के किसी भी माह में सर्वाधिक है। अप्रैल, मई और जून में क्रमशः 7.75 लाख, 6.28 लाख और 8.5 लाख नए सदस्य जुड़े थे।

क्षेत्रवार देखें तो मॉन्सटर.कॉम के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी- सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर में 39 प्रतिशत, बैंकिंग, वित्तीय सेवा व बीमा में 32 प्रतिशत और शिपिंग व समुद्री सेवा में 31 प्रतिशत की नियुक्ति माँग में वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में देखी गई है।

वहीं, पिछले वर्ष की तुलना में स्वास्थ्य, शिक्षा, यात्रा एवं पर्यटन में क्रमशः 12, 24 और 30 प्रतिशत की नियुक्ति माँग में गिरावट हुई है। ईपीएफओ का डाटा उद्योगों को इससे भिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत करता है इसलिए दोनों की तुलना नहीं की जा सकती है।

इसके अनुसार ‘विशेषज्ञ सेवाएँ’ श्रेणी (मैनपॉवर एजेंसियों, निजी सुरक्षा एजेंसियों और छोटे ठेकेदारों आदि) की जुलाई के दौरान नेट सब्सक्राइबर की संख्या में वृद्धि में 41.62 प्रतिशत की भागीदारी है। इसके अलावा, व्यापार-वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, अभियांत्रिकी उत्पादों, भवन और निर्माण, कपड़ा, परिधान निर्माण, अस्पतालों और वित्तपोषण प्रतिष्ठानों जैसे उद्योगों में बढ़ोतरी देखी गई है।

ईपीएफओ डाटा विस्तार से

जुलाई में जुड़े कुल 14.65 लाख नेट सब्सक्राइबर में से लगभग 5.63 लाख नेट सब्सक्राइबर ऐसे हैं, जो ईपीएफओ के तहत आने वाले प्रतिष्ठानों से नौकरी बदलकर दूसरी नौकरी करन लगे हैं। हालाँकि नई नौकरी से वे फिर से ईपीएफओ से जुड़ गए हैं।

इससे पता चलता है कि अधिकांश अंशधारकों ने पुरानी राशि के निकासी के लिए आवेदन करने की बजाय अपनी पिछली नौकरी से वर्तमान पीएफ खाते में जमा राशि को हस्तांतिरत करके ईपीएफओ के साथ अपनी सदस्यता जारी रखने का विकल्प चुना है।

पेरोल आँकड़ों की आयु के आधार पर तुलना की जाए तो पता चलता है कि जुलाई 2021 के दौरान 22-25 वर्ष के आयु वर्ग में 3.88 लाख अतिरिक्त सब्सक्राइबर के साथ सर्वाधिक नामांकन दर्ज किए गए हैं। इसके बाद 18-21 आयु वर्ग में 3.27 लाख नामांकन हुए हैं।

ये आँकड़े दर्शाते हैं कि पहली बार नौकरी चाहने वाले बड़ी संख्या में संगठित क्षेत्र में शामिल हो रहे हैं और जुलाई 2021 में कुल नेट सब्सक्राइबर की संख्या में लगभग 48.82 प्रतिशत इनकी भागीदारी रही है। वहीं, मॉन्सटर.कॉम के अनुसार 0-3 वर्ष के अनुभव वालों की नियुक्ति माँग में 1 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

राज्यों के आधार पर पेरोल आंकड़ों की तुलना से पता चलता है कि महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में उपस्थित प्रतिष्ठान, जुलाई महीने के दौरान लगभग 9.17 लाख ग्राहकों को जोड़कर सबसे आगे हैं, जो कि सभी आयु समूह के आधार पर नेट पेरोल में शामिल हुए लोगों की 62.62 प्रतिशत की भागीदारी रखते हैं।

लिंग के आधार पर विश्लेषण से पता चलता है कि इस दौरान नेट सब्सक्राइबर में महिला कर्मचारियों की भागीदारी लगभग 20.56 प्रतिशत है। जून 2021 में 2.18 लाख की तुलना में जुलाई 2021 के दौरान महिला सब्सक्राइबर की कुल संख्या बढ़कर 3.01 लाख हो गई है।

निष्ठा अनुश्री स्वराज्य में वरिष्ठ उप-संपादक हैं। वे @nishthaanushree के माध्यम से ट्वीट करती हैं।