समाचार
ईपीएफओ ने अप्रैल में 17.08 सदस्य जोड़े, इसी माह 9.23 लाख नए सदस्य भी सम्मिलित

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अप्रैल माह के दौरान 17.08 लाख सदस्य जोड़े हैं।

श्रम मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, “जारी ईपीएफओ के अनंतिम पेरोल डाटा के अनुसार, वार्षिक आधार पर अप्रैल 2021 के मुकाबले अप्रैल 2022 में सदस्यों की संख्या में 4.32 लाख की वृद्धि हुई है।

मंत्रालय ने कहा कि माह के दौरान जोड़े गए कुल 17.08 लाख सदस्यों में से लगभग 9.23 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफ और विविध प्रावधान (एमपी) अधिनियम, 1952 के सामाजिक सुरक्षा कवर के दायरे में आए हैं।

आगे कहा गया कि लगभग 7.85 लाख सदस्य संगठन द्वारा कवर किए गए प्रतिष्ठानों के भीतर अपनी नौकरी बदलकर ईपीएफओ के तहत आने वाले प्रतिष्ठानों से बाहर निकल गए और फिर से जुड़ गए। उन्होंने अपने पीएफ संचय की अंतिम निकासी की बजाए धन के हस्तांतरण के माध्यम से योजना के तहत सदस्यता बनाए रखने का विकल्प चुना।

मंत्रालय के अनुसार, पेरोल डाटा गत चार माह के दौरान सदस्यों के बाहर निकलने की गिरावट को दर्शाता है।

मंत्रालय ने कहा, “उम्र के आधार पर पेरोल आँकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2022 के दौरान सबसे अधिक इजाफा 22-25 वर्ष के आयु वर्ग में हुआ। इस दौरान 4.30 लाख सदस्य जुड़े। इसके बाद 3.74 लाख की संख्या के साथ 29-35 आयु वर्ग का स्थान रहा। इन दोनों आयु समूहों में माह के दौरान लगभग 47.07 प्रतिशत सदस्य जोड़े हैं।”

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली इसमें अग्रणी बने हुए हैं। इन राज्यों ने अप्रैल 2022 के दौरान शुद्ध रूप से 11.60 लाख सदस्य जोड़े हैं। वहीं, महिलाओं की संख्या शुद्ध रूप से अप्रैल में 3.65 लाख रही।

मंत्रालय ने कहा, “महिला नामांकन का भाग अप्रैल, 2022 के दौरान कुल सदस्य वृद्धि का 21.38 प्रतिशत है, जो मार्च, 2022 के गत माह की तुलना में 17,187 नामांकन की वृद्धि के साथ है।”