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इलॉन मस्क की उपग्रह ब्रॉडबैंड कंपनी स्टारलिंक ने भारत में सहायक कंपनी बनाई

स्टारलिंक के भारत निदेशक संजय भार्गव के अनुसार, इलॉन मस्क के स्वामित्व वाली उपग्रह ब्रॉडबैंड कंपनी स्टारलिंक ने देश में अपना व्यवसाय पंजीकृत किया है। अब यह देश में लाइसेंस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में है।

भार्गव ने लिंक्डइन पोस्ट में कहा, “यह बताते हुए खुशी हो रही है कि स्पेसएक्स की अब भारत में 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। नाम स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीपीएल) है और निगमन की तारीख 1 नवंबर 2021 है। अब हम लाइसेंस के लिए आवेदन करना आरंभ कर सकते हैं, बैंक खाते खोल सकते हैं आदि।”

गत माह कंपनी ने घोषणा की थी कि वह इंटरनेट सेवाएँ देने के लिए 10 ग्रामीण लोकसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

भार्गव ने गत माह कहा था, “अक्टूबर में मैं सांसदों, मंत्रियों, भारत सरकार के सचिवों या राज्यों के प्रमुख सचिवों के साथ 30 मिनट की वर्चुअल वार्ता करने के लिए उत्सुक हूँ। साथ ही यह देखने के लिए कि क्या उन्हें लगता है कि 100 प्रतिशत ब्रॉडबैंड जीवन को बेहतर बनाने में सहायता करेगा। हम शायद भारत को भेजे गए 80 प्रतिशत स्टारलिंक टर्मिनलों के लिए दस ग्रामीण लोकसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें।”

इसकी वेबसाइट के अनुसार, कंपनी की उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवाओं को 2022 में भारत में लक्षित किया जा रहा है। हालाँकि, इसने कहा कि उपलब्धता नियामक अनुमोदन के अधीन है और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पूरी की जाएगी।

कथित तौर पर स्टारलिंक प्रति ग्राहक 99 डॉलर (7,350 रुपये) जमा कर रहा है। यह बीटा चरण में प्रति सेकंड 50 से 150 मेगाबिट्स के मध्य डाटा गति देने का दावा करता है।