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नीति आयोग 3-4 माह के भीतर इलेक्ट्रिक वाहन हेतु बैटरी अदला-बदली नीति पेश करेगा

नीति आयोग आगामी तीन-चार माह में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए बैटरी अदला-बदली नीति लाने के लिए तैयार है।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह नीति बैटरी के रूप में सेवा (बीएएएस), पट्टे पर देना आदि जैसे व्यावसायिक मॉडल लाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईवी मालिकों के पास बैटरी होना आवश्यक नहीं है।

वाहन की कुल लागत का लगभग 50 प्रतिशत बैटरियों पर खर्च होता है। उपरोक्त नीतियाँ इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के लिए अग्रिम लागत में कटौती करेंगी।

यह ईवी मालिकों को कुछ ही क्षणों में विशिष्ट स्टेशनों पर अपनी बैटरी की अदला-बदली करने की सुविधा प्रदान करेगा।

वे तब अपने घर पर भी बैटरी चार्ज कर सकते थे।

ईटी की एक रिपोर्ट में नीति आयोग के सीईओ और वरिष्ठ नौकरशाह अमिताभ कांत ने कहा, “मुझे विश्वास है कि निकट भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन आईसीई इंजन वाले वाहनों से सस्ते होंगे।”

उन्होंने बताया कि नीति के प्रारंभिक चरण का संबंध हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए होगा। इस प्रकार के ईवी में वाहनों से बैटरी की अदला-बदली वाले स्टेशनों तक बैटरियों को ले जाना, लगाना और उपयोग करना तुलनात्मक रूप से आसान है।

इस पूरी रणनीति का उद्देश्य बाद में सभी बैटरी सेवा प्रदाताओं के लिए एक समान अवसर तैयार करने हेतु बीएएएस जैसे नवोन्मेषी व्यापार मॉडल में निवेश के नए रास्ते बनाना है।