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चुनाव आयोग 2,100 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई को तैयार

चुनाव आयोग 2,100 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के विरुद्ध नियमों का उल्लंघन करने और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसे 66 राजनीतिक दलों ने आयकर की छूट का दावा किया था, जिन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की आवश्यक शर्तों का अनुपालन नहीं किया था। वहीं, 2174 दलों ने सहभागिता रिपोर्ट तक नहीं सौंपी थी।

सांविधिक नियमों का उल्लंघन करते हुए चंदा लेने वालों के विरुद्ध अब कार्रवाई शुरू की गई है। अस्तित्व में ना रहने वाले 87 दलों को चुनाव चिह्न आदेश (1968) के तहत लाभ पाने वाले दलों की सूची से हटा दिया गया है।

आयोग ने बताया कि 2354 पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त दलों में से 92 प्रतिशत ने 2019 में अपनी सहभागिता रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। ऐसे में 199 दलों ने 2018-19 में 445 करोड़, और 219 दलों ने 2019-20 में 608 करोड़ की आयकर की छूट का दावा प्रस्तुत किया था। उन्होंने फार्म 24ए के तहत सहभागिता रिपोर्ट नहीं दाखिल की थी, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29सी के तहत आवश्यक है।

आगे बताया गया कि 87 राजनीतिक दलों का कोई अस्तित्व नहीं मिला है। 2019 के लोकसभा चुनाव में 2,354 गैरमान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों में से सिर्फ 623 ने शिरकत की थी।

चुनाव आयोग ने इस पर भी चिंता व्यक्त की कि 70 प्रतिशत पार्टियों ने चुनाव में भागीदारी ही नहीं की। 87 दलों ने अपने पते बदले जाने की भी जानकारी नहीं दी। भौतिक सत्यापन में इन दलों का अस्तित्व ही नहीं मिला।

तीन दल प्रथम दृष्ट्या गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त पाए गए। उनके पास चंदे और फर्जी खरीद-फरोख्त की रसीदें भी मिली हैं। दुरुपयोग की जानकारी देने वाले राजस्व विभाग को इससे अवगत करा दिया गया है।