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शिक्षा मंत्रालय अग्निवीरों के लिए तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री शुरू करेगा

केंद्रीय मंत्रिमंडल की अग्निपथ भर्ती योजना, जिसके तहत युवाओं को अग्निवीर के रूप में चार वर्ष की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर मिलेगा, को स्वीकृति देने के एक दिन बाद शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है।

मंत्रालय ने बुधवार (15 जून) को घोषणा की कि वह सेवारत रक्षा कर्मियों के लिए एक विशेष तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू करेगा, जो सेना में उनके कार्यकाल के दौरान प्राप्त कौशल प्रशिक्षण को मान्यता देगा।

यह कार्यक्रम अग्निवीरों के भविष्य की संभावनाओं को संवारने और उन्हें नागरिक क्षेत्र में विभिन्न नौकरी की भूमिकाओं के लिए तैयार करेगा।

शिक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, “यह कार्यक्रम इग्नू द्वारा डिजाइन और निष्पादित किया जाएगा। स्नातक की डिग्री के लिए आवश्यक 50% क्रेडिट अग्निवीर को कौशल प्रशिक्षण (तकनीकी और गैर-तकनीकी) से आएगा और शेष 50% भाषा, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, गणित, शिक्षा, वाणिज्य, पर्यटन, व्यावसायिक अध्ययन, कृषि और ज्योतिष, पर्यावरण अध्ययन और संचार कौशल में एबिलिटी इन्हान्समेंट कोर्स जैसे विषयों की एक विस्तृत विविधता को कवर करने वाले पाठ्यक्रमों से आएगा।”

यह कार्यक्रम यूजीसी मानदंडों के साथ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क-राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के साथ जुड़ा है।

इसमें कई निकास बिंदुओं का भी प्रावधान है। प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों के पूरा होने पर युवाओं को स्नातक प्रमाण-पत्र, प्रथम और द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रमों के सफल समापन पर स्नातक डिप्लोमा और तीन वर्ष की समय सीमा में सभी पाठ्यक्रमों के पूरा होने पर डिग्री मिलेगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा को संबंधित नियामक निकायों- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई), राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद् (एनसीवीईटी) और यूजीसी द्वारा विधिवत मान्यता दी गई है।

डिग्री इग्नू द्वारा यूजीसी नामकरण (बीए, बीकॉम, बीए (व्यावसायिक), बीए (पर्यटन प्रबंधन) के अनुसार प्रदान की जाएगी और रोजगार और शिक्षा के लिए भारत और विदेश दोनों में मान्यता प्राप्त होगी।

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना योजना के कार्यान्वयन के लिए इग्नू के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे।