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ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग में पत्रकार राणा अय्यूब की ₹1.77 करोड़ से अधिक की राशि कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार राणा अय्यूब की 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कुर्क की। आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन क्राउड मंच केटो के माध्यम से राहत कार्य के लिए जुटाए गए दान का निजी खर्चों के लिए उपयोग किया था।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने जाँच में पाया कि अय्यूब ने ना केवल राहत कार्य पर खर्च का दावा करके कुछ संस्थाओं के नाम पर झूठे बिल तैयार किए बल्कि ऑनलाइन मंच पर जुटाए गए 50 लाख रुपये की एफडी भी की।

उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी में दावा किया गया कि राणा अय्यूब ने झुग्गीवासियों व किसानों, असम, बिहार व महाराष्ट्र के लिए राहत कार्य और अप्रैल 2020 व जून 2021 के मध्य भारत में कोरोना प्रभावितों की सहायता के लिए धन जुटाया था। ये सब अनुमोदन प्रमाण-पत्र और सरकार के पंजीकरण के बिना हुआ था।

ईडी की जाँच में पता चला कि अय्यूब ने तीनों अभियानों के लिए केटो पर कुल 2.69 करोड़ रुपये जुटाए थे। ये धनराशि उनकी बहन इफ्फत शेख और पिता मोहम्मद अय्यूब वक्विफ के बैंक खातों से बड़े पैमाने पर निकाली गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि इस राशि में से उन्होंने अपने बैंक खाते में 72 लाख रुपये, बहन के खाते में 37.15 लाख और पिता के खाते में 1.60 करोड़ रुपये भेजे थे।

बता दें कि गाज़ियाबाद पुलिस की पहली प्राथमिकी के आधार पर गत वर्ष सितंबर में अय्यूब के विरुद्ध जाँच शुरू की गई थी। इसमें शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन ने उन पर अवैध रूप से सार्वजनिक धन प्राप्त करने का आरोप लगाया था।