अर्थव्यवस्था / भारती
बिग टेक के लिए क्या मायने रखता है यूएस राष्ट्रपति बाइडन का नवीनतम कार्यकारी आदेश

यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 9 जुलाई को एक कार्यकारी आदेश जारी किया जो अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और कॉर्पोरेट नियंत्रण को सीमित करने पर ध्यान केंद्रित करता है। इस आदेश का उद्देश्य था कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की प्रतिस्पर्धा-विरोधी पद्धतियों को रोका जाए।

बाइडन प्रशासन का मानना है कि इन पद्धतियों के कारण ही उपभक्ताओं को कम विकल्प और उच्च मूल्यों का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों को वेतन भी कम मिल रहा है और नौकरी बदलने के विकल्प भी सीमित हो गए हैं।

कृषि और दवा जैसे उद्योगों के अलावा इस आदेश का बिग टेक पर भी बड़ा प्रभाव पड़ेगा जो यूएस और विश्व के अन्य देशों में पहले से ही जाँच के दायरे में हैं। सर्वाधिक प्रभाव अमेज़ॉन, फेसबुक और गूगल पर पड़ेगा तथा ऐप्पल, माइक्रोसॉफ्ट व ट्विटर भी अधिक दूर नहीं हैं।

वाइट हाउस ने संघीय एजेंसियों को कुछ कदम उठाने के लिए कहा है जैसे तकनीकी उद्योग की अधिक सावधानी से जाँच की जाए, अत्यधिक शुल्क वसूलने वाले समुद्री शिपर पर लगाम कसी जाए और श्रवण-सहायक यंत्र दुकानों पर मिल सकें।

कृषि, तकनीक व दवा उद्योगों का उल्लेख करते हुए बाइडन ने 9 जुलाई को कहा, “पिछले कुछ दशकों में हमने कम प्रतिस्पर्धा और अधिक समेकन देखा है जो हमारी अर्थव्यवस्था को पीछे खींचता है।” मूल्य कम करने और वेतन बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की बात उन्होंने कही।

बाइडन ने आगे कहा, “अमेरिकी पूँजीवाद के केंद्र में एक सरल विचार है- खुली और सही प्रतिस्पर्धा। इसका अर्थ हुआ कि यदि कोई कंपनी व्यापार में जीतना चाहती है तो उसे अधिक परिश्रम करना होगा। मैं स्पष्ट कहता हूँ कि बिना प्रतिस्पर्धा का पूँजीवाद, पूँजीवाद नहीं है, यह शोषण है।”

10 जुलाई को अर्थव्यवस्था पर बात करते जो बाइडन

यूएस राष्ट्रपति ने समझाया कि मज़बूत प्रतिस्पर्धा के अभाव में बड़ी कंपनियाँ कुछ भी संशोधित कर सकती हैं और कोई भी मूल्य वसूल सकती हैं और अमेरिकियों के लिए यह उनकी आवश्यकताओं के लिए एक खराब सौदा होगा।

“तो हम जानते हैं कि हमारे सामने एक समस्या है, एक बड़ी समस्या। लेकिन हमारे पास अतुलनीय अवसर भी है।”, उन्होंने आगे कहा। वाइट हाउस के अनुसार इस आदेश में दर्जन से अधिक संघीय एजेंसियों के लिए 72 अधिनियम और सुझाव हैं जो कॉर्पोरेट समेकन और विश्वास-विरोधी कानूनों संबंधित सुधार के लिए हैं।

पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जिन विलयों को चुनौती नहीं दी थी संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) को उन्हें चुनौती देने के लिए कहा गया। साथ ही व्यावसायिक लाइसेन्सिंग विनियमन के उन्मूलन और गैर-प्रतिस्पर्धी समझौतों को रोकने या सीमित करने के लिए एफटीसी को कहा गया।

संघीय संचार आयोग (एफसीसी) से “नेट न्यूट्रलिटी (तटस्थता)” कानूनों को पुनः स्थापित करने के लिए कहा गया जिसे पूर्व अध्यक्ष ने हटा दिया था। मकान-मालिकों और ब्रोडबैंड सेवा प्रदाताओं के बीच विशिष्टता समझौतों को रोकने के लिए भी एफसीसी से कहा गया।

कैनडा से सस्ती दवाइयों के आयात के लिए राज्य और जनजातीय प्रयासों को समर्थन दिया जाए जिससे दवा के मूल्य घट सकें, श्रवण-सहायक यंत्रों की काउंटर से बिक्री की अनुमति दी जाए और “वाइट हाउस प्रतिस्पर्धा परिषद्” की स्थापना हो जो बड़ी कंपनियों से निपटने में संघीय प्रतिक्रियाओं की सहायता करे- आदेश में कहा गया।

वाइट हाउस के मुख्य आर्थिक सलाहकार ब्रायन दीस ने सीएनबीसी से कहा, “इस कार्यकारी आदेश की प्रेरणा हमें इससे मिली कि हम प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा कैसे दें।” बाइडन का आदेश इस ओर संकेत करता है कि किसी भी क्षेत्र की बड़ी कंपनियाँ अपनी शक्तियों का उपयोग छोटे प्रतिस्पर्धियों को दबाने के लिए करती हैं।

बिग टेक माने जाने वाला गाफा (बाएँ से दाएँ- गूगल, ऐप्पल, फेसबुक, अमेज़ॉन)

वे तकनीक-संबंधित कार्यों से उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी का भी अनुचित लाभ उठाते हैं। दीस के अनुसार बड़ी तकनीकी कंपनियों के बढ़ते शिकंजे के कारण नवोन्मेष घट रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन मंचों ने उपभोक्ताओं की “निजता और सुरक्षा” की समस्याएँ भी खड़ी की हैं।

“छोटे व्यापारों को बाज़ार में प्रवेश करने के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ता है”, दीस ने कहा। उनके अनुसार यह कार्यकारी आदेश सिर्फ एकाधिकारों के विरुद्ध नहीं है, बल्कि समेकन और कम खिलाड़ियों के होने से प्रतिस्पर्धा की कमी के विरुद्ध भी है।

डाटा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीकृत बाज़ारों यानी जहाँ कंपनियों की संख्या कम है, वहाँ वेतन कम है। एक वाइट हाउस तथ्य-पत्र में कैरियरबिल्डर.कॉम के मानव संसाधन जर्नल के मई 2020 अंक का डाटा दिया है जिसके अनुसार समेकन से वेतनों में दो-अंक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिलती है।

यह कार्यकारी आदेश न्यायिक समिति द्वारा स्वीकृत विश्वास-विरोधी विधेयकों के कुछ सप्ताह बाद आया है जिसमें इंटरनेट क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को पुनर्जीवित करने की बात की गई थी। जून में एफटीसी और राज्य अटॉर्नी जनरल के गठबंधन ने एक शिकायत दर्ज की थी कि फेसबुक ने गलत तरीके से एकाधिकार कर लिया है जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

कार्यकारी आदेश एफटीसी को बिग टेक द्वारा डाटा एकत्रीकरण और उपभोक्ता पर नज़र रखने की पद्धतियों पर नए कानून बनाने तथा ऑनलाइन मंचों पर गलत प्रतिस्पर्धात्मक व्यवहारों को रोकने के निर्देश भी देता है।

इस आदेश से छोटी और मध्यम कंपनियों को कुछ राहत मिलेगी जिन्होंने अमेज़ॉन, ऐप्पल, फेसहुक और गूगल जैसे तकनीकी कंपनियों की शिकायत की थी कि वे डिजिटल बाज़ारों पर गलत पकड़ बना रहे हैं। सीधे तकनीकी कंपनियों पर कोई निर्णय थोपने की बजाय बाइडन का आदेश स्वतंत्र एजेंसियों को काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।