अर्थव्यवस्था
नकद मुक्त भारत? मासिक यूपीआई लेन-देन 1,00,000 करोड़ रुपए के पार- डाटा

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से दिसंबर 2018 में एक लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है, द फाइनेंशियल एक्सप्रेस  की रिपोर्ट में बताया गया।

यूपीआई के माध्यम से 1.02 लाख करोड़ रुपए के 620 मिलियन भुगतान हुए जो नवंबर में हुए 82,232 करोड़ के 525 मिलियन भुगतानों की तुलना में बहुत ज़्यादा है और दिसंबर 2017 में हुए 13,144 करोड़ रुपए के 145 मिलियन भुगतानों के आँकड़े में यह विशाल बढ़ोतरी है।

यूपीआई बैंक खाते से बैंक खाते तक की भुगतान प्रक्रिया है जो अगस्त 2016 में आरंभ हुई थी। इसमें केवल मोबाइल नंबर का उपयोग कर भुगतान किए जाने का प्रावधान है। एनपीसीआई ने यूपीआई 2.0 प्रारूप इसी वर्ष आरंभ किया है तथा यह अपडेटेड प्रारूप उपयोगकर्ताओं को डिजिटल इनवॉइस उपयोग करने का प्रावधान देता है और व्यक्ति के प्रत्यय पत्र देखने का प्रावधान देता है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि भुगतान सही व्यक्ति से आया है।

एचडीएफसी बैंक तथा भारतीय स्टेट बैंक ने ऑफ़लाइन ग्राहकों को भी यूपीआई पेमेंट, कार्ड पेमेंट तथा बैंक वॉलेट से भुगतान की सुविधा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। एसबीआई ने तिमाही के अंत में सितंबर 2018 में प्रस्तुतिकरण के दौरान कहा था कि सभी प्रकार के भुगतान माध्यमों में योनो (बैंक का ऐप) तथा युपीआई भुगतान सितंबर 2017 की तुलना में 0.8 प्रतिशत से बढ़कर 8.7 प्रतिशत हो गया है।