अर्थव्यवस्था
आत्मनिर्भर भारत के लिए क्या निर्यात को मिलेगा सीधा प्रोत्साहन? पीयूष गोयल ने क्या कहा

वेदांता लिमिटेड के सहयोग से स्वराज्य द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत शृंखला के वेबिनार में संपादकीय निदेशक आर जगन्नाथन के प्रश्नों तथा रेल और व्यापार एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के उत्तरों का कुछ अंश-

आत्मनिर्भर भारत के लिए संरचनात्मक परिवर्तन कैसे लाए जाएँगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश है कि भारत को व्यापार सुलभ बनाया जाए। अधिकारियों से मैंने कहा है कि एक सामान्य डाटाबेस बनाया जाए जिसमें किसी तरह की निजी जानकारी नहीं बल्कि सार्वजनिक जानकारी रहे। इससे हर बार लोगों को हर चीज़ के लिए फॉर्म नहीं भरना होगा। भुगतान के लिए भी हम सिंगल विंडो प्रणाली पर काम कर रहे हैं।

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किस प्रकार का प्रोत्साहन दिया जाएगा?
विश्व व्यापार संघ के नियमों के अनुसार हम सीधा प्रोत्साहन नहीं दे सकते हैं लेकिन निर्यात बाज़ार का अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग अवश्य करेंगे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण से परिवहन आदि के अतिरिक्त खर्च को कम करके। सब्सिडी के स्थान पर सामर्थ्य बढ़ाने पर ज़ोर होना चाहिए।

रेलवे के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लिए क्या किया जा रहा है?
रेलवे मात्र 2 प्रतिशत सामान ही विदेश से खरीदता है और उसे भी शून्य पर लाने के लिए हम काम कर रहे हैं। विकास के अगले स्तर पर जाते हुए हम इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाएँगे। दिसंबर 2023 तक पूरा रेलवे तंत्र पूरी तरह से विद्युत पर आधारित होगा। कार्बन उत्सर्जन को शून्य पर लाना भी हमारा लक्ष्य है।

तकनीकी मंचों में विदेशी कंपनियों का वर्चस्व है, इसके लिए क्या किया जाएगा?
सरकार ऐसी तकनीक विकसित नहीं कर सकती लेकिन तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को सरकार का समर्थन मिलेगा। स्टार्टअप उद्यमीआगे आकर सरकार से सहायता माँग सकते हैं।