अर्थव्यवस्था
इलॉन मस्क और क्रिप्टो मुद्रा- बिटकॉइन पर असमंजस लेकिन डॉजकॉइन चंद्रमा पर

पिछले कुछ दिनों से इलॉन मस्क के ट्वीट और निर्णय क्रिप्टो मुद्रा में भारी उठा-पटक का कारण रहे हैं। लगभग तीन माह पहले की बात है कि प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के समक्ष टेस्ला ने घोषणा की थी कि उसने 1.5 अरब डॉलर के बिटकॉइन खरीदे हैं।

24 मार्च को टेस्ला के सीईओ मस्क ने ट्वीट करके कहा, “अब आप बिटकॉइन से टेस्ला (कार) खरीद सकते हैं।” और फिर 13 मई यानी दो माह के भीतर ही मस्क ने घोषणा कर दी कि बिटकॉइन के उपयोग से वाहन खरीद को निलंबित कर दिया गया है।

इसका कारण उन्होंने बताया कि बिटकॉइन की माइनिंग और लेन-देन में जीवाश्म ईंधन, विशेषकर कोयले का भारी मात्रा में उपयोग होता है जो किसी भी ईंधन से सर्वाधिक हानिकारक है। क्रिप्टो मुद्रा को अपना समर्थन जारी रखते हुए मस्क ने कहा कि पर्यावरण के मूल्य पर वे इसका उपयोग नहीं कर सकते हैं।

बिटकॉइन का ऊर्जा उपभोग

मस्क ने ट्वीट के साथ कैम्ब्रिज बिटकॉइन इलेक्ट्रिसिटी कन्ज़म्पशन इंडेक्स का एक चार्ट भी साझा किया था जिसके अनुसार 2016 से लगातार बिटकॉइन के लिए विद्युत ऊर्जा उपयोग बढ़ते-बढ़ते 149 टेरावाट-आर तक पहुँच गया है।

2017 में ही बिटकॉइन के लिए उपयोग की जाने वाली ऊर्जा दुनिया के सबसे तेज़ 500 सुपरकम्प्यूटर के लिए उपयोग होने वाली ऊर्जा का लाख-गुना थी। बिटकॉइन के अलावा पूरे विश्व के डाटा केंद्र 200 टेरावाट-आर ऊर्जा का उपयोग करते हैं, वहीं अकेले बिटकॉइन के लिए यह आँकड़ा 149 का है।

ड्युश बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि बिटकॉइन माइनिंग में उतनी वार्षिक ऊर्जा लगती है जितनी पूरे स्विटज़लैंड को लगती है। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का अनुमान है कि भविष्य में बिटकॉइन की ऊर्जा आवश्यकता बढ़कर 500 टेरावाट-आर हो जाएगी।

बिटकॉइन माइनिंग में इतनी ऊर्जा के उपयोग का कारण है कि माइनर्स को पहेलियाँ सुलझानी होती हैं जो प्रूफ ऑफ वर्क पद्धति पर आधारित होती हैं। भारी प्रोसेसिंग ऊर्जा का उपयोग करके जो पहेली सुलझा लेता है, उसे बदले में बिटकॉइन मिलते हैं, इस प्रकार से माइनिंग होती है।

2017 में जब अत्यधिक मुद्रास्फीति के कारण वेनेज़ुएला में बिजली दरें काफी कम कर दी गई थी तो वहाँ भारी मात्रा में बिटकॉइन माइनिंग होने लगी थी जिसके कारण कई बार बत्ती गुल भी हो जाती थी। नेचर कम्युनिकेशन्स का अनुमान है कि 2024 तक इसके लिए ऊर्जा आवश्यकता 350 टेरावाट-आर की हो जाएगी।

2008 में अनामित लोगों या समूह द्वारा शुरू की गई यह क्रिप्टो मुद्रा हर 10 मिनट में माइनिंग के माध्यम से बिटकॉइन से लोगों को पुरस्कृत करती है। बिटकॉइन की बाज़ार पूँजी 10 खरब डॉलर तक पहुँच गई थी जिसके बाद इसका मूल्य गिरा है।

बिटकॉइन से कैसे निजात पाएगा टेस्ला

13 मई के अपने बयान में इलॉन मस्क ने कहा था कि टेस्ला अपने बिटकॉइन को नहीं बेचेगा एवं बिटकॉइन में पुनः लेन-देन तब शुरू होगा जब इसके लिए “सस्टेनेबल” ऊर्जा का उपयोग होने लगेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वे अन्य क्रिप्टो मुद्राओं की ओर रुख करेंगे जो बिटकॉइन में लगने वाली ऊर्जा का 1 प्रतिशत से कम उपयोग करती होंगी।

आश्चर्य की बात है कि इलॉन मस्क के बिटकॉइन खरीदने से पहले भी कई लेख व रिपोर्ट प्रकाशित हो रहे थे जो इस ओर ध्यान आकर्षित करते थे कि कैसे बिटकॉइन अत्यधिक ऊर्जा का उपयोग करता है। लेकिन अचानक बिटकॉइन खरीदने के कुछ माह बाद मस्क को पर्यावरण की चिंता सताने लगी।

मस्क के बयान के कारण बिटकॉइन 15 प्रतिशत तक गिरकर लगभग 46,000 डॉलर के मूल्य पर आ गया था। जब मस्क ने संकेत दिया कि टेस्ला बिटकॉइन बेच भी सकता है, तब और गिरावट हुई एवं कुल 17 प्रतिशत गिरकर सोमवार (17 मई) को यह 45,000 डॉलर से नीचे रहा।

एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने कहा था कि बिटकॉइन समर्थक जिस तरह से मस्क के प्रति घृणा व्यक्त कर रहे हैं, ऐसे में वे बिटकॉइन बेचने पर मस्क को दोष नहीं देंगे। इसके उत्तर में मस्क ने “सत्य” कहा था, जिसके बाद समझा जाने लगा था कि टेस्ला बिटकॉइन बेचने की तैयारी में है।

हालाँकि, जब एक हैंडल ने ट्वीट किया कि मस्क के कारण बिटकॉइन 20 प्रतिशत तक गिर गया है तब उन्होंने अटकलों को साफ करते हुए कहा, “टेस्ला ने कोई बिटकॉइन नहीं बेचा है।” बिटकॉइन खरीदने के अलावा बिटकॉइन अपने पास रखने में भी मस्क का पाखंड है।

ऐसा इसलिए क्योंकि जो लोग ब्लॉकचेन पर लेन-देन करते हैं, उनके जितना ही ऊर्जा का उपयोग वे लोग भी करते हैं जो मात्र अपने पास बिटकॉइन रखे रहते हैं। क्रिप्टो मुद्रा ऊर्जा का उपयोग ‘प्रूफ ऑफ वर्क (कार्य के साक्ष्य)’ की गणना में करती है।

और ये प्रूफ ऑफ वर्क गणना सिर्फ नए लेन-देन को दर्ज करने के लिए नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को बनाए रखने के लिए होती है जिसमें सभी बिटकॉइन धारकों की यथास्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी ऊर्जा लगती है और इस प्रकार टेस्ला अपने पास बिटकॉइन रखकर कार्बन फुटप्रिंट बढ़ा रहा है।

सर्वाधिक बिटकॉइन की माइनिंग चीन के ज़िनजियांग में की जाती है। माइनिंग करने वाले उपकरणों का आईपी पता उपलब्ध होता है जिससे पता चलता है कि 69 प्रतिशत गणना चीन में होती है और उसमें से आधी अकेले ज़िनजियांग में होती है।

बिटकॉइन के विकेंद्रीकृत होने के तर्क का खंडन भी मस्क ने ज़िनजियांग में बाढ़ से बिटकॉइन की दर पर पड़े प्रभाव के तथ्य से किया। चीन की 5.4 प्रतिशत ऊर्जा का उपयोग सिर्फ बिटकॉइन के लिए होता है।

इस प्रकार यदि मस्क बिटकॉइन में लेन-देन को तब तक स्थगित रखना चाहते हैं, जब तक ऊर्जा की दृष्टि से वह सस्टेनेबल न हो तो उन्हें संभवतः 2060 तक की प्रतीक्षा करनी होगी क्योंकि तब ही हम अपेक्षा कर सकते हैं कि चीन की ऊर्जा ग्रिड कार्बन मुक्त हो चुकी होगी।

डॉजकॉइन के प्रति मस्क का झुकाव

अगले वर्ष की पहली तिमाही में स्पेसएक्स “डॉज-1 मिशन टू द मून” लॉन्च करने वाला है। इसके भुगतान के लिए डॉजकॉइन एक स्वीकार्य मुद्रा होगी। इतना ही नहीं, मस्क ने ट्वीट करके जानकारी दी कि वे डॉजकॉइन के विकासकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जिससे लेन-देन प्रणाली की कुशलता बढ़ाई जाए।

हालाँकि, डॉजकॉइन के प्रति मस्क की रुचि नई नहीं है। डॉजकॉइन के विकासकर्ताओं का कहना है कि 2019 से ही उन्हें मस्क का परामर्श मिल रहा है। डॉजकॉइन का समर्थन करते हुए मस्क ने तर्क दिया कि डॉज की ब्लॉकटाइम गति 10 गुना अधिक है, ब्लॉक आकार 10 गुना है और शुल्क 100 गुना कम है।

पर्यावरण पर इसका प्रभाव बिटकॉइन की तुलना में कम है और एक अनुमान के अनुसार यह बिटकॉइन द्वारा उपयोग होने वाली ऊर्जा का मात्र 7 प्रतिशत ही उपयोग करता है। वर्तमान में यह चौथी सबसे प्रचलित क्रिप्टो मुद्रा है जिसकी बाज़ार पूँजी 70 अरब डॉलर है।

2013 में एक मज़ाक से शुरू हुई डॉजकॉइन अब अंतरिक्ष में जाने वाली पहली क्रिप्टो मुद्रा बनने वाली है। मस्क ने ट्वीट करके बताया कि स्पेसएक्स एक वास्तविक चांद पर एक वास्तविक डॉजकॉइन रखने वाला है। मस्क के समर्थन के बावजूद भी इसे आदर्श क्रिप्टो मुद्रा माना जाए, इस बात पर संदेह जारी है।

साथ ही बिटकॉइन द्वारा उपयोग की जाने वाली ऊर्जा का 7 प्रतिशत उपयोग करने वाला डॉजकॉइन 1 प्रतिशत से कम ऊर्जा उपयोग की मस्क की आवश्यकता को पूरा नहीं करता है। हालाँकि, मस्क का कहना है कि यदि डॉजकॉइन उनकी आशाओं पर खरा नहीं उतरता है, तब वे एक नई क्रिप्टो मुद्रा बनाने पर विचार करेंगे।

निष्ठा अनुश्री स्वराज्य में वरिष्ठ उप-संपादक हैं। वे @nishthaanushree के माध्यम से ट्वीट करती हैं।