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कमाल का प्रदर्शन- वर्ल्ड बैंक की व्यापार सुलभता सूची में 23 स्थानों की छलांग लगाकर भारत 77वें स्थान पर

23 पायदान ऊपर चढ़कर और खुद को वर्ष के शीर्ष 10 उन्नतिशील देशों में पंजीकृत कर भारत ने वर्ल्ड बैंक की ईज़ ऑफ डुइंग बिज़नेस (व्यापार सुलभता) की 190 देशों ई.ओ.डी.बी. की सूची में 77वाँ स्थान हासिल किया है। बड़े देशों में इस प्रकार की कुशलता दिखाने वाला भारत एकमात्र देश है, मनी कंट्रोल  ने रिपोर्ट किया।

पिछले वर्ष भी इसी प्रकार इस सूची में 30 पायदानों की छलांग भारत ने लगाई थी। जिन क्षेत्रों में भारत अव्वल आया है, वह हैं अल्पसंख्यक निवेशकों का संरक्षण (7वाँ स्थान), ब्याज मिलना (22वाँ स्थान) एवं बिजली आपूर्ति (24वाँ स्थान)।

सबसे ज़्यादा सुधार कंस्ट्रक्शन अनुमति में हुआ है जहाँ देश ने 129 पायदानों की छलांग लगाकर 181वें स्थान से 52वें स्थान पर अपनी जगह बनाई है।

ई.ओ.डी.बी. रैंकिंग वर्ल्ड बैंक द्वारा दी जाती है जिसमें देशों के व्यापार वातावरण का आंकलन होता है। इस रैंकिंग में सुधार नरेंद्र मोदी सरकार की विशेष उपलब्धियों में से एक है। एक तरह से कहा जाए तो वर्ल्ड बैंक ने सरकार के व्यापार सुधार एजेंडा पर खरेपन की मुहर लगा दी है।

“भारत ने अपना सुधार एजेंडा जारी रखा और पिछले वर्ष इसने छः सुधारों को लागू किया। भारत अब क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ अर्थव्यवस्था है।”, वर्ल्ड बैंक ने कहा। भारत के अलावा भारतीय उमहाद्वीप में से शीर्ष 100 में स्थान बनाने वाले केवल दो देश और हैं- 81वें स्थान पर भूटान और 100वें पर श्रीलंका।

इन सबमें चीन ने 46वाँ स्थान हासिल किया और व्यापार शुरू करने की सुलभता में चीन को भारत से कई बेहतर माना गया। इसा तालिका में चीन 37वें स्थान पर है जबकि भारत 137वें पर।

इस सूची में क्रमशः शीर्ष देश हैं- न्यूज़ीलैंड, सिंगापुर और डेनमार्क। ये तीन देश लगातार दो वर्षों से इसी स्थान पर बने हुए हैं।