अर्थव्यवस्था
पीएलआई योजना के तहत फार्मा क्षेत्र के लिए ₹4,623 करोड़ के 19 आवेदन स्वीकृत

दवा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और आयात निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत महत्वपूर्ण प्रमुख दवा मध्यवर्ती और सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 4,623.01 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश के साथ 19 आवेदनों को स्वीकृति दे दी है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह विकास तब आया, जब औषधीय विभाग ने अपने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए चार अलग-अलग लक्षित वर्गों (दो में फर्मेंन्टेशन आधारित- कम से कम 90 प्रतिशत और दो में रसायन संश्लेषण आधारित कम से कम 70 प्रतिशत) में न्यूनतम घरेलू मूल्य संवर्धन के साथ ग्रीनफील्ड संयंत्र स्थापित करने के लिए पीएलआई योजना शुरू की थी। यह 2020-21 से 2029-30 की अवधि के लिए 6,940 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ है।

केंद्र सरकार लक्षित वर्ग-1 के अंतर्गत 3,761 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता के पाँच आवेदनों को पहले ही स्वीकृत दे चुकी है। इसमें 3,761 करोड़ रुपये का प्रतिबद्ध निवेश है। लक्षित वर्ग-2 के अंतर्गत जो फर्मेंटेशन आधारित अनुकूल केएसएम (प्रमुख प्रारंभिक सामग्री) / दवा मध्यवर्ती / एपीआई) पर केंद्रित है। सरकार ने आठ आवेदन पत्रों को स्वीकृति दी है, जिनमें नेचुरल बायोजेनेक्स प्राइवेट लिमिटेड, सिंबायोटेक फार्मालैब प्राइवेट लिमिटेड, मैकलोड्स फार्मास्युटिकल लिमिटेड, सुदर्शनफार्मा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और ऑप्टिमस ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

लक्षित वर्ग-3 के अंतर्गत जो प्रमुख रासायनिक संश्लेषण पर आधारित केएसएम (प्रमुख प्रारंभिक सामग्री)/दवा मध्यवर्ती पर केंद्रित है, उसके सरकार ने छह आवेदन पत्रों को स्वीकृति दे दी है। इनमें सारका लैबोरेटरीज लिमिटेड, एम्मेन्नारफार्मा प्राइवेट लिमिटेड, हिंडिस लैब प्राइवेट लिमिटेड, आरती स्पेशियलिटी केमिकल्स लिमिटेड, मेघमानी एलएलपी और साधना नाइट्रो केम लिमिटेड शामिल हैं।

इस बीच, लक्षित वर्ग-4 के अंतर्गत आए आवेदनों को 28 फरवरी को मंजूरी दी जा सकती है। इसके साथ, 4623.01 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश के साथ कुल 19 आवेदन सरकार द्वारा अनुमोदित किए गए हैं।