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रेलवे परिसंपत्ति अनुबंधों के लिए ई-नीलामी मॉड्यूल आरंभ, कोई भी ले सकेगा भाग

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार (24 जून) को भारतीय रेलवे में वाणिज्यिक कमाई और गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) अनुबंधों के लिए ई-नीलामी आरंभ की।

ई-नीलामी व्यवस्था 9 जोनों के 11 संभागों में शुरू की गई। इसके बड़े लॉन्च के दौरान कुल 128 करोड़ रुपये के कुल 80 अनुबंधों को अंतिम रूप दिया गया।

रेल मंत्रालय ने कहा, “ई-नीलामी से न केवल रेलवे की कमाई बढ़ेगी बल्कि व्यापार करने में आसानी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बढ़ावा भी मिलेगा।”

नीलामी के लिए रखी जाने वाली आय संपत्तियों में पार्सल वैन, भुगतान कर इस्तेमाल किए जाने वाले शौचालय, स्टेशन परिसर एवं रेल डिब्बों पर विज्ञापन के अधिकार, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, सामान अमानती कक्ष, पार्किंग स्थल, एटीएम और सामग्री प्रदर्शित करने वाले वीडियो स्क्रीन सम्मिलित हैं।

इन संपत्तियों को पोर्टल पर एक बार स्थान के आधार पर दर्ज किया जाएगा और सिस्टम इसे हमेशा याद रखेगा। इससे परिसंपत्तियों की वास्तविक आधार पर निगरानी में सुधार आएगा और वे निष्क्रिय नहीं पड़ी रहेंगी।

फिलहाल, रेलवे की ई-निविदा व्यवस्था में हिस्सा लेने के लिए संबंधित इकाई के पास भौतिक पंजीकरण कराना आवश्यक होता है लेकिन ई-नीलामी प्रक्रिया में देश के किसी भी भाग में मौजूद बोलीकर्ता पोर्टल के जरिये भारतीय रेल की किसी भी इकाई की संपत्ति के लिए बोली लगा सकता है।

एक सफल बोलीकर्ता ऑनलाइन ढंग से इसकी स्वीकृति पा सकता है। इसके साथ ही बोली लगाने वाले की वित्तीय कारोबार की शर्त को भी हटा लिया गया है। अब 40 लाख रुपये तक के ठेकों के लिए कोई भी वित्तीय टर्नओवर शर्त नहीं रखी गई है।

इसके अतिरिक्त, किसी भी डिवीजन की किसी भी नीलामी में भाग लेने के लिए कोई भौगोलिक प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, जिससे देश भर के दूर-दराज के संभावित बोलीदाता बोली प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।