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एलआईसी के आईपीओ हेतु सेबी के पास दस्तावेज़ दाखिल, 5% भागीदारी बेचेगी सरकार

एलआईसी ने भारत में सबसे बड़े आईपीओ के माध्यम से सार्वजनिक होने के लिए रविवार को सेबी के पास दस्तावेज़ दाखिल किए।

मसौदा विवरण पुस्तिका में दिखाया गया कि आईपीओ के माध्यम से प्रमोटर, सरकार 31.6 करोड़ शेयर बेच रहे हैं, जो बीमाकर्ता की 5% इक्विटी में परिवर्तित होते हैं। एलआईसी खुदरा निवेशकों के लिए पेशकश का 35% या लगभग 11.1 करोड़ शेयर अलग रख रही है।

इससे पूर्व, बीमा कंपनी ने यह भी कहा था कि वह अपने बीमाधारकों के लिए आईपीओ का एक हिस्सा आरक्षित रखेगी लेकिन इस श्रेणी के तहत सटीक संख्या को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ऐसे में बीमा कंपनी ने आईपीओ में पॉलिसीधारकों, एलआईसी कर्मचारियों और खुदरा निवेशकों को मिलने वाली छूट का खुलासा नहीं किया।

टीओआई को मसौदा दाखिल करने के क्रम में सरकारी सूत्रों ने बताया था कि वह एलआईसी के लिए लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का बाज़ार मूल्यांकन देख रहा। जैसा कि गणना से पता चलता है कि उस मूल्यांकन को प्राप्त करने के लिए आईपीओ की कीमत लगभग 2,370 रुपये प्रति शेयर होनी चाहिए, जबकि 16 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के लिए प्रस्ताव मूल्य लगभग 2,530 रुपये होना चाहिए और, 13 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के लिए यह लगभग 2,060 रुपये प्रति शेयर होना चाहिए।

बीएसई के आँकड़ों से पता चलता कि वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.1 लाख करोड़ रुपये के बाज़ार पूंजीकरण के साथ भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है, जबकि टीसीएस 13.7 लाख करोड़ रुपये के बाज़ार मूल्य के साथ दूसरे नंबर पर है।

दीपम के सचिव तुहिन कांता पांडे ने ट्वीट किया, “एलआईसी आईपीओ का डीआरएचपी आज (रविवार) सेबी के पास दायर किया गया। 31 मार्च 2021 तक 28.3 करोड़ बीमा पत्रों और 13.5 लाख एजेंटों के साथ नए व्यापार प्रीमियम में एलआईसी की 66% बाज़ार में भागीदारी है।”