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दिल्ली पुलिस ने पकड़ा अंतर-राष्ट्रीय ठगी करने वाला समूह, चीन को भेजता था डाटा

दिल्ली पुलिस ने एक अंतर-राष्ट्रीय ठगने वाले समूह का खुलासा किया, जो ऋण का लालच देकर ऐप डाउनलोड करवाता था और इसके बाद डाटा चोरी कर लेता था। साथ ही छवियों संग छेड़छाड़ कर धमकी भी देता था। आरोपी मॉलवेयर इंस्टाल करवाकर हैकिंग करते थे।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने बताया कि ठगी करने वालों ने गूगल प्ले स्टोर पर कथित लोन कंपनी का ऐप डाला था। साथ ही एनबीएफसी का गलत समझौता पत्र भी। ऐप डाउनलोड होते समय कई तरह की अनुमति मांगता है। साथ ही इस पर आधार और पैन कार्ड साझा करने के लिए कहा जाता था। इसके बाद ऋण देने की प्रक्रिया के नाम पर भारत में बैठे जालसाज मालवेयर इस्टॉल कर फोन हैक कर लेते थे और निजी डाटा चीन को भेज देते थे।

चीन में बैठे जालसाज फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक बना देते थे और धन उगाही करते थे। ठगी करने वालों से पूछताछ में पता चला कि वे चालू व बचत खातों को एकसाथ राशि देकर खरीद लेते थे। ठगी की राशि इन्हीं खातों में स्थानांतरित की जाती थी। फिर क्रिप्टो मुद्रा में परिवर्तित कर चीन भेज देते थे।

इसका मुख्य साजिशकर्ता जाँच एजेंसियों को चकमा देने हेतु कुछ दिनों के लिए ऐप का नाम भी बदल देता था। आईएफएसओ के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि गत दिनों एक युवती की शिकायत पर जाँच शुरू की गई। जिस कंपनी के खाते में रुपये मंगवाए गए थे, उसकी जगह पर पंक्चर की दुकान मिली।

उन्होंने बताया, “खाता रोहित कुमार के नाम पर था। जाँच के बाद टीम ने पीतमपुरा व रोहिणी से रोहित, विविध पुनीत, मनीष, रश्मि और 14 मार्च को जोधपुर से कृष्णा उर्फ रवि को पकड़ा था। कृष्णा भारत में इसका सरगना थे। इसके बाद सुमित व कार्तिक को गिरफ्तार किया गया था।”