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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे- डीएमईडीएल ने बॉन्ड पेशकश के माध्यम से ₹5,000 करोड़ जुटाए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली इकाई डीएमई डेवलपमेंट लिमिटेड (डीएमईडीएल) ने परिवर्तनशील कूपन दरों के साथ पहली 15 वर्षीय बांड पेशकश के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

बिज़नेस स्टैंडर्ड को बॉन्ड विक्रेताओं ने बताया, “1,000 करोड़ रुपये के मूल आकार में ग्रीन शू के साथ बांड की कीमत 6.85 प्रतिशत थी। कूपन को हर तिमाही में तीन महीने के कोषीय बिल के साथ 311 आधार अंकों के निश्चित फैलाव पर लाभ के आधार पर पुनः तैयार किया जाएगा।”

डीएमईडीएल को 29 अगस्त 2020 को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के विकास के लिए सम्मिलित किया गया था।

प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना वर्तमान में एनएचएआई द्वारा निष्पादित प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं में से एक है। इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित परियोजना लागत लगभग 87,453 करोड़ रुपये है।

डीएमईडीएल एक ईपीसी अनुबंध के तहत दिल्ली-वडोदरा खंड के विकास हेतु आवश्यक वित्त और एचएएम अनुबंध के तहत वडोदरा-मुंबई खंड के विकास के लिए आवश्यक अग्रिम प्रतिबद्धता जुटाएगा।

वहीं, दिल्ली-मुंबई खंड को मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही राजमार्ग के अंतिम खंड यानी जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) को सितंबर 2023 तक पूरा करने की परिकल्पना की गई है।

जनवरी 2021 तक एनएचएआई ने परियोजना पर लगभग 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सिविल निर्माण कार्यों के लिए लगभग 7,300 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि भूमि अधिग्रहण व पूर्व-निर्माण गतिविधियों के लिए 9,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए।