रक्षा
पाकिस्तान की पाँच पनडुब्बियों में से एक ही क्रियाशील, चाहता है चीन की सहायता

हाल ही में भारत से बढ़े तनाव के बाद समुद्र में अपनी मज़बूत स्थिति बनाने के लिए पाकिस्तान चीन की सहायता की अपेक्षा कर रहा है क्योंकि इस्लामी देश के पास उपलब्ध पाँच पनडुब्बियों में से मात्र एक ही क्रियाशील है और वह भी आंशिक रूप से, हिंदुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट किया।

अन्य पनडुब्बियाँ की संभवतः मरम्मत की जा रही है व कुछ उपकरण भी जोड़े जा रहे हैं। “हमें सूचना मिली है कि पाकिस्तान की एक ही पनडुब्बी आंशिक रूप से क्रियाशील है। और यही कारण है जिसकी वजह से पुलवामा के बाद वे चीनी नौसेना की सहायता के लिए व्याकुल थे।”, खुफिया रिपोर्ट में बताया गया।

26 फरवरी को भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हवाई हमले के अगले दिन भारत के पश्चिमी तट के निकट अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में पाकिस्तान की पनडुब्बी पाई गई थी। अपनी नौसैनिक तैयारी बताते हुए वरिष्ठ नौसेना अधिकारी ने कहा था, “समुद्री क्षेत्र सतर्क है। हम वहाँ तैनात हैं और परिस्थिति पूर्ण रूप से हमारे नियंत्रण में है।”

एकमात्र पनडुब्बी की तैनाती संभवतः पाकिस्तानी नौसेना की कपटी रणनीति थी और कुछ समय बाद ही यह अपने बेस में वापस लौट गई थी।

वर्तमान में पाकिस्तानी नौसैनिक दस्ते में फ्रांस द्वारा निर्मित पाँच पनडुब्बियाँ हैं जिनमें से तीन अगोस्ता 90बी (खालिद वर्ग) और दो पुरानी अगोस्ता 70 (हश्मत वर्ग) की हैं। तुर्की की एक कंपनी तीन पनडुब्बियों की मरम्मत कर रही हैं और ये 2020 तक ही क्रियाशील हो पाएँगी।