रक्षा
“पाकिस्तान ने पीओके की डेमोग्राफी और कश्मीरियों की पहचान को नष्ट किया”- रावत

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार (28 नवंबर) को कहा कि पाकिस्तान ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जनसंख्या-संबंधी (डेमोग्राफी) परिवर्तन किए हैं और उस तरफ के कश्मीरियों की पहचान को धीरे-धीरे नष्ट किया गया ै, फर्स्टपोस्ट  ने रिपोर्ट किया।

“वो कश्मीरी हैं या पंजाबी हैं जो आकर वहाँ बस गए हैं। गिल्गित-बल्तिस्तान के लोगं पर भी धीरे-धीरे हक़ जमाया जा रहा है। अगर इस तरफ के कश्मीरियों और उस तरफ के कश्मीरियों में पहचान का कोई संबंध था, तो उसे भी धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है। यह एक मुद्दा है जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए।”, उन्होंने कहा।

सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान ने चालाकी से पीओके में जनसांख्यिकी परिवर्तन कर दिए हैं जिससे एक मूल कश्मीरी को पहचाना नहीं जा सकता। रावत ने इस बात पर उंगली उठाई है कि पीओके और गिल्गित-बल्तिस्तान में बाहरी लोगों को बसाकर उस क्षेत्र के लोगों की पहचान को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट किया है।

रावत मुंबई के यशवंत राव चव्हाण मेमोरियल में भाषण दे रहे थे। उन्होंने आतंकवादियों के जनाज़े के जुलूस के प्रति भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “इस प्रकार के जुलूसों में जब आप आतंकवादी को शहीद की उपाधि दे देते हैं, तब इससे और अधिक युवा आतंकवाद अपनाना चाहते हैं।”

कश्मीर में आतंकवादियों को मार गिराने के लिए उन्होंने स्थानीय लोगों की बुद्धिमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि थोड़ी शांति का यह मतलब नहीं है कि सेना बैरकों में लौट जाए क्योंकि आतंकवादी इस समय का उपयोग अपना नेटवर्क सुदृढॉ करने में करते हैं।