रक्षा
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय हो रहा आतंकवादी संगठन, बौद्ध केंद्र निशाने पर

2018 में बोधगया धमाके में आरोपी जाहिदुल इस्लाम से पूछताछ में सामने आया है कि पिछले माह मोदी सरकार द्वारा आतंकवादी संस्था घोषित जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) ने म्यांमार में रोहिंग्याओं का बदला लेने के लिए यह किया था, हिंदुस्तान टाइम्स  ने बताया।

भारत को खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी कि ढाका स्थित जेएमबी के प्रमुखों ने पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से हाथ मिला लिया है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया था। जेएमबी के प्रमुख सलाउद्दीन सलेहीन ने ‘अल-एहसार’ के माध्यम से यह घोषणा भी की थी कि भारत में जिहादी गतिविधियों के लिए जमात-उल-मुजाहिद्दीन हिंदुस्तान का गठन किया गया है।

गृह मंत्री के अधिकारियों ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के जिलों के निकट यह संगठन सक्रिय है। कट्टर इस्लामवादी विचारों को प्रचारित करने के लिए यह दक्षिण भारत में भी अपना नेटवर्क बना रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबा और बुर्दवान जिलों में आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने के लिए मदरसों का प्रयोग किया जा रहा है। तबलिग़ी जमात नामक संगठन से यह असम में भी सक्रिया है, विशेषकर मुस्लिम बहुल जिलों में।

भारत में अपना आधार बनाकर वे शस्त्र पाना चाहते हैं जिससे शेख हसीना के शासन को चुनौती दी जा सके। इसके अलावा उनके निशाने पर भारत में स्थि बौद्ध केंद्र भी हैं।