रक्षा
चित्रों में – भारतीय सशक्त बलों द्वारा व्यापक स्तर पर चलाया गया केरल बचाव अभियान

केरल में दो हफ्ते की मूसलाधार बारिश के बाद, रविवार को यह  सिलसिला थम गया। राज्य के कई जिलों से रेड अलर्ट हटा लिया गया है। माौसम विभाग की  रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से हो रही बारिश मे कमी आई है और अगले चार दिनों तक भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

लगातार मूसलाधार बारिश ने यहाँ पर कहर बरपाया है, यह सदी की अब तक की सबसे विनाशकारी बाढ़ है। इस त्रासदी में 300 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, 40,000 हेक्टेयर भूमि पर बोई गयी कृषि फसलें तबाह हो गईं, 26,000 से अधिक घर मरम्मत करने लायक नहीं हैं,  134 पुल और लोक निर्माण विभाग की 16,000 किलोमीटर लंबी सड़कें पानी के साथ बह गई हैं। छोटे गाँवों और शहरों को जोड़ने वाली लगभग 82,000 किलोमीटर लंबी स्थानीय सड़के बाढ ने लील ली हैं, जिससे करीब 21,000 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के पाँच उपग्रह वर्षा प्रभावित राज्य में स्थिति पर नजर रखने के लिए जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। हैदराबाद में स्थित डिसीजन सपोर्ट सेंटर इन उपग्रहों द्वारा भेजी गई जानकारियों को प्राप्त कर संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध करा रहा है।

भारतीय सेना की तीनों टुकडियां; नौ-सेना, थल सेना और वायु सेना के जवान नावों, हेलीकॉप्टरों, परिवहन विमानों और पैदल चलकर हफ्तों से घरों की छतों पर फंसे भूखे प्यासे लोगों तक पहुँचने के लिए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। सेना ने राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव कार्य में 300 मोटर नावों, सैकड़ों मेडिकल टीमों और हजारों कर्मियों को तैनात किया है।

यहाँ पर भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की कुछ तस्वीरें दिखाई गई हैः

1.) भारतीय नौसेना का जवान एक घर में फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से नीचे उतर रहा है। अभी तक नौसेना ने केरल में बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए 70 नावों के साथ 58 बचाव एवं गोताखोर दलों को तैनात किया है।

2.) भारतीय नौसेना ने केरल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए रबड़ की नावों और गोताखोरों को भेजा है। तीनों सेवाओं ने 339 मोटर संचालित नावों, 24 गैर-मोटर संचालित नावों और किराए पर ली गई 21 नावों को तैनात किया है ताकि लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकालकर राहत शिविर में ले जाया सके।

3.) नौसेना द्वारा बचाए गए एक परिवार की तस्वीर। कोच्चि नेवल बेस में एक विमान हैंगर (विमानों के खड़े होने का स्थान) में स्थित राहत शिविर में विमान द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाले गए 108 स्थानीय लोग मौजूद हैं। बचाए गए परिवारों को मोबाइल फोन, लैंडलाइन और रात के कपड़ों सहित बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। 24×7 चिकित्सा देखभाल भी उपलब्ध हैं।

4.) प्रभावित क्षेत्रों में विमान के माध्यम से खाद्य सामग्री पहुँचाने के लिए नौसेना के हेलीकॉप्टर में भोजन और पानी की खेप लादते हुए जवान। सेना ने विमान से फेंके जाने वाले भोजन के पैकटों के साथ राहत सामग्री वितरित करने के लिए एक बड़े पैमाने पर अभियान चालू किया है।

5.) चिकित्सा अधिकारियों सहित दवाएं, सैनिटरी नैपकिन और बेबी डायपर जैसी राहत सामग्री केरल के बाढ़ प्रभावित जिलों के बाढ़ राहत शिविरों में तत्काल पहुँचाई गई हैं। अब तक 3,757 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं।

6.) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को विमान द्वारा सुरक्षा बलों द्वारा स्थापित राहत शिविर में लाया गया। अब तक 38,000 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है।

7.) नौसेना अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बचाई गई एक महिला को मोबाइल फोन उपलब्ध करा रहे हैं। सुरक्षा अभियान में शामिल करने के लिए नौसेना नए दल बना रही है। इस अभियान में 40 से अधिक नौसेना दल भाग ले रहे हैं।

8.) कोच्चि हवाई अड्डे के पास बाढ़ग्रस्त क्षेत्र से एक गर्भवती महिला को हवाई जहाज द्वारा बचाया गया है, इस सुरक्षा अभियान में नौसेना के चेतक दल को 30 मिनट तक जद्दोजहद करनी पड़ी।

9.) भारतीय नौसेना के जवानों ने त्रिशूर में दूसरी तरफ फंसे लोगों को बचाने के लिए रस्सी से एक पुल का निर्माण किया। केरल में हुई मूसलाधार बारिश से लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई 16,000 कि.मी. लंबी सड़कें और 134 पुल बह गए हैं।

10.) भारतीय सेना के जवानों ने अस्थाई पुल का निर्माण किया। सेना ने 38 दूरस्थ क्षेत्रों से संपर्क स्थापित करने के लिए ऐसे 13 अस्थायी पुलों का निर्माण किया है। इनका उपयोग करके कुल 3,627 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें 22 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

11.) भारतीय सेना के जवान नावों पर राहत सामग्री ले जा रहे हैं। 120 इंजीनियरों के एक सैन्य दल ने इंजीनियर नौकाओं के द्वारा एर्नाकुलम जिले के अलुवा और कलाडी क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटी है।

12.) डीएससी दल (रक्षा विभाग कंसबुलरी दल) की एक टुकड़ी ने कोझिकोड शहर के पास काकोडी, किरालुर और ऊर्कदावु के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लगभग 100 नागरिकों को बचाया। परम्बिल पल्ली मक्कम में चल रहे अभियान में अन्य 100 नागरिकों को बचाया गया।

13.) भारतीय वायु सेना के जवानों द्वारा एक वृद्ध महिला को राहत शिविर में लाया जा रहा है। आईएएफ हेलीकॉप्टरों ने छत पर फंसे लोगों और बच्चों को सुरक्षित रूप से उठाकर राहत शिविरों तक पहुँचाया।

14.) भारतीय तट रक्षक दल ने केरल के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक दूसरे से जुड़ी (जेमिनी) 10 नौकाओं के साथ 10 आपदा प्रतिक्रिया टीमें तैनात की हैं। इसके साथ ही तट रक्षक दल एक अनिश्चित बचाव अभियान में शामिल था; इसमें उसके कर्मचारियों ने शनिवार को केरल के कोडुंगल्लूर शहर में 10 दिन के बच्चे को बचाया।

15.) राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की एक टीम ने जलभराव वाले घर से एक वृद्ध महिला को बचाया। यह सुरक्षा अभियान केरल के आलप्पुजा जिले के चेंगन्नूर तालुका के पांडानाडु गाँव में चार लोगों के एक दल द्वारा चलाया गया था।