रक्षा
अमेरिका का झूठ? भारतीय वायुसेना ने पाक एफ-16 पूर्ण होने के दावे का किया खंडन

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने अमेरिका की विदेश नीति पत्रिका के दावे का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को दिया गया कोई भी एफ-16 लड़ाकू विमान लापता नहीं है। पत्रिका ने इस मामले की जानकारी रखने वाले दो वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा था, “अमेरिका ने पाकिस्तान के एफ-16 विमानों की गिनती की है, जिसमें पूरे लड़ाकू विमान पाए गए हैं और कोई भी लापता नहीं है।”

बिजनेस स्टैंडर्ड  की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा, ‘भारतीय सेनाओं ने उस दिन दो अलग-अलग विमानों को देखा था। दोनों कम से कम 8 से 10 किमी की दूरी पर अलग-अलग जगहों पर थे। एक आईएएफ मिग-21 बाइसन था और दूसरा पीएएफ विमान था। हमने जो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इकट्ठा किए हैं, वे साफ बताते हैं कि पीएएफ विमान एफ-16 ही था।”

रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चेतावनी और नियंत्रण प्राणाली (एडब्ल्यूएसीएस) द्वारा पकड़े गए पाकिस्तान रेडियो प्रसारण और रडार के माध्यम से पता चला कि मिग-21 के अलावा आसमान में दूसरा पाकिस्तानी एफ-16 विमान ही था।

पीएएफ के दूसरे लड़ाकू विमान जेएफ-17 थंडर और मिराज युद्धपोत में कहीं और थे। 27 फरवरी को पाकिस्तानी रेडियो बातचीत के रिकॉर्ड से पता चला कि दूसरे पकड़े गए पायलट को आईएएफ पायलट के रूप में पहचाना गया। बाद में उसे पाकिस्तानी अस्पताल ले जाया गया।

रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क संगठन इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) में भ्रम की स्थिति थी। इसके निदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तानी जमीनी सैनिकों ने दो भारतीय पायलटों को पकड़ा है। उन्होंने इस बात से इनकार किया था कि इसमें एफ-16 शामिल नहीं हुआ था।

कुछ दिनों बाद आईएएफ ने कुछ एफ-16 के मिसाइल के मलबे दिखाए। बाद में पाकिस्तान प्रवक्ता ने यह कहते हुए दावे को खारिज कर दिया कि उसमें हमारा एफ-16 शामिल ही नहीं था। उसी शाम गफूर ने ट्वीट किया कि दूसरा पायलट पाकिस्तानी था।

रिपोर्ट में आईएएफ सूत्रों ने एडब्ल्यूएसीएस रेडार डिस्प्ले का प्लेआउट भी दिखाया। इसमें मिग-21 आइकन को एफ-16 आइकन की ओर बढ़ता हुआ दिखाया गया था। हालांकि, डिस्प्ले से वो बाद में गायब हो गया।