रक्षा
डोकलाम के बाद? नेपाल, भूटान सीमा पर सेना और सुदृढ़, एसएसबी की 72 नई चौकियाँ

भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान सीमा की रक्षा को अधिक मज़बूत करने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने इस वर्ष 72 पोस्ट को संचालित करना आरंभ कर दिया है, टाइम्स ऑफ इंडिया  की रिपोर्ट में बताया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, एसएसबी ने सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए 18 पोस्ट निर्मित किए हैं। पैरामिलिट्री फोर्स के कुछ स्थल डोकलाम पठार के समीप हैं जहाँ 2016 में भारतीय तथा चीनी सेना के मध्य 73 दिनों तक सैन्य गतिरोध चला था।

एसएसबी ने पिछले वर्ष 18 नई सीमा चौकियाँ (बोर्डर आउटपोस्ट) निर्मित की थीं। यह उन 72 में शामिल हैं जिनका संचालन इस वर्ष आरंभ हो चुका है।

पूछे जाने पर कि क्या यह डोकलाम घटना के परिणाम स्वरूप बनाई गई हैं, एसएसबी के प्रबंध निदेशक एसएस देसवाल ने कहा कि यह दो खुली सीमाओं की रक्षा के लिए हैं तथा भारत-चीन सीमा की सुरक्षा इसका प्रमुख कार्य नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि चौकियों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण सभी सरकारी संस्थाओं की प्रमुख प्राथमिकता है।

देसवाल ने कहा, “जिन चौकियों पर बिजली उपलब्ध नहीं थी, वहाँ हमने जनरेटर लगा दिए हैं। यह स्थिति हर राज्य में अलग थी। पेयजल के लिए आरओ प्लांट लगा दिए गए हैं।”

रिपोर्ट के अनुसार एसएसबी की 53 बटालियन 699 किलोमीटर की भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा हेतु तैनात की गई हैं।