रक्षा
गोलीबारी कर आतंकियों की घुसपैठ करा रहे पाकिस्तान को भारतीय सेना का सटीक उत्तर

जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

पाकिस्तान ने इससे पहले संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें भारत के दो जवान शहीद हो गए। इस गोलीबारी में भारत का एक आम नागरिक भी मारा गया, जिसके बाद से ही सेना घुसपैठ के इंतज़ार में बैठे सभी आतंकी समूहों पर हमला करने की योजना बना रही थी।

भारत ने कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की नीलम और लीपा घाटी में आतंकियों के चार ठिकानें को पूरी तरफ तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में करीब 10 पाकिस्तानी सैनिकों और हिजबुल एवं जैश के 35 आतंकियों के मारे जाने की सूचना है।

भारत के इस हमले की पुष्टि पाकिस्तानी सेना ने भी की। ‌‌‌पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने ट्वीट कर भारत पर संघर्ष विराम उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पत्रकारों से बातचीत में बताया, “अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से ही पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। हमनें उनके तीन शिविरों को नष्ट कर दिया है, जबकि चौथा भी आधा खत्म हो चुका है।”

उन्होंने आगे बताया, “इस कार्रवाई में पाकिस्तान के भी छह-दस सैनिक मारे गए हैं, लेकिन पाकिस्तान इसपर कुछ बोल नहीं पाएगा।”

माना जा रहा है कि नियंत्रण रेखा पर शिविर बनाए ये आंतकवादी घुसपैठ करने की कोशिश में थे और पाकिस्तानी सेना इनकी मदद कर रहा था। आतंकी बर्फबारी के दौरान भारी तादाद में घुसपैठ कर सकते थे, लेकिन इससे पहले ही सभी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा नष्ट कर दिया गया।

इस वर्ष पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर सीजफायर उल्लंघन की कोशिश सबसे ज्यादा बार की गई है। 2019 में अक्टूबर महीने तक पाकिस्तान ने 2,300 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। वहीं, 2018 में पाकिस्तान ने 1,800 से अधिक बार सीमा पार से गोलीबारी की थी। गोलीबारी करके पाकिस्तान का आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराने में सहायता करना चाहता है।

इससे पूर्व सेना ने दावा किया था कि 500 से अधिक प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादी कश्मीर में घुसपैठ करने की कोशिश में हैं। ये सभी आतंकवादी पीओके में नियंत्रण रेखा पर शिविर बनाकर रह रहे हैं।

पाकिस्तान के इन आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए सेना ने आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया। सैन्य सूत्रों के अनुसार रविवार (20 अक्टूबर) को पाकिस्तान पर हुई जवाबी कार्रवाई में भारतीय सीमा पर तैनात 77-बी बोफोर्स और स्वदेश निर्मित बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल किया गया है। 77-बी बोफोर्स वही तोप है, जिसने कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के सैनिकों को धूल चटाई थी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बताया जा रहा है कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख से बातचीत कर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही सरकार वहाँ समान्य स्थिति बहाल करने में लगी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब भी कई आतंकी संगठन शिविर बनाकर नियंत्रण रेखा पर जमे हुए है। इन सभी समूहों में 50-60 आतंकी है, जिसपर आने वाले समय में कार्रवाई हो सकती है।