रक्षा
शत्रु को नहीं मिलेगा सर्द अंधेरी रातों का लाभ, सेना के पास एआई दृष्टि यंत्र

हथियारों के गृह-निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय सेना द्वारा स्थापित सैन्य डिज़ाइन ब्यूरो (एडीबी) ने एक यंत्र बनाया है जो जटिल और ऊँचे क्षेत्रों में सीमा पार की असामान्य गतिविधियों को भाँपने में जवानों की यहायता करेगा, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस  ने रिपोर्ट किया।

“ब्यूरो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित व्यक्तिगत नाइट विज़न (रात्रि दृष्टि) यंत्र का निर्माण किया है जो जवानों के हेलमेट पर लगाया जाएगा और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सचेत करेगा। जवान के आसपास के क्षेत्र में कोई भी हलचल होने पर कलाई पर बंधा एक बैंड कंपन द्वारा संकेत देगा।”, एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया।

जटिल और ऊँचे भूभागों में शत्रु की गतिविधियों पर नज़र रखना बहुत कठिन कार्य होता है। यह जवानों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। यह यंत्र सर्दी की अंधेरी रातों में जवानों की सहायता करेगा।

इस यंत्र का सुझाव 2016 में हुए सैन्य तकनीक (आरटेक) सेमिनार में दिया गया था। इस प्रकार के सेमिनार 2015 में सेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी के बाद से शुरू हुए। रिपोर्ट के अनुसार मोदी ने कहा था कि सेना दिवस पर सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए शैक्षिक स्तर पर भी कार्य किया जाना चाहिए।

चीनी पीएलए जवानों का मुकाबला करने के लिए 3,488 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर स्थित जवानों के लिए मैनडरिन अनुवादक यंत्र भी बनाया गया है। हालाँकि सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क व इंटरनेट परेशानियों के कारण यह पूर्णतः क्रियान्वित नहीं हो पाया है।