रक्षा
सीमा संग सेना- 2022 तक चीन सीमा पर तैयार हो जाएँगी 61 रणनीतिक सड़कें

चीन सीमा के निकट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भारत विशेष ध्यान दे रहा है और इसने उत्तरी क्षेत्र की सभी रणनीति-संबंधित रोड परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तीन वर्षों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वरिष्ठ जनरल ने बताया।

तीन दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेला पास पर सुरंग का शिलान्यास करने के लिए अरुणाचल प्रदेश जाने वाले हैं। इस सुरंग के माध्यम से तवांग जाने में कम समय लगेगा जहाँ भारतीय सेना बड़ी संख्या में तैनात है, हिंदुस्तान टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

“हमने अपनी टास्क फोर्स को कार्य पर लगा दिया है और उन्हें आंतरिक इलाकों से उत्तरी सीमाओं पर भेज दिया है जहाँ वे तीन वर्षों में नीतिगत सड़कों का निर्माण करेंगे। ब्रो की 32,000-स्ट्रांग फोर्स में से 67 प्रतिशत को चीनी सीमा पर तैनात किया गया है।”, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन (ब्रो) के प्रमुख लेफ्टिनेन्ट जनरल हरपाल सिंह ने बताया।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि चीन के साथ उत्तरी सीमा जो अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्कीम, जम्मू और कश्मीर और उत्तराखंड से लगी हुई हैं, पर दिसंबर 2022 तक 61 रणनीति-संबंधित सड़क परियोजनाओं को ब्रो पूरा करेगा।