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एड-टेक कंपनियाँ अनुचित व्यापार अभ्यास बंद नहीं करतीं तो कड़े निर्देश होंगे जारी- केंद्र

केंद्र सरकार ने एड-टेक कंपनियों को अनुचित व्यापार तरीकों के विरुद्ध चेतावनी जारी की।

शुक्रवार (1 जुलाई) को इंटरनेट एवं मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) के तहत आने वाले इंडिया एडटेक कंसोर्टियम (आईईसी) के साथ उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बैठक की। उन्होंने कहा, “यदि एड-टेक कंपनियाँ अनुचित व्यापार अभ्यास पर अंकुश नहीं लगाती हैं तो पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएँगे।”

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि बैठक में आईएएमएआई के प्रतिनिधियों के साथ आईईसी सदस्य कंपनियाँ अपग्रेड, बायजू’एस, अनएकेडमी, वेदांतु, ग्रेट लर्निंग, व्हाइटहैट जूनियर और सनस्टोन सम्मिलित थीं।

बैठक में भारतीय एड-टेक क्षेत्र के लिए अनुचित व्यापार प्रथाओं और भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सचिव ने भारत के एड-टेक पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता हितों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के तरीकों पर चर्चा की।

सदस्यों ने उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध, पारदर्शी और व्यवहार्य पेशकशों के माध्यम से उपभोक्ता हितों की बेहतर सुरक्षा के लिए भारतीय एड-टेक पारिस्थितिकी तंत्र को और बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की।

रोहित कुमार सिंह ने बताया, “यह बताया गया है कि कुछ विज्ञापन और प्रथाएँ प्रचलित दिशा-निर्देशों और वर्तमान नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इस वजह से उपभोक्ताओं के हितों के अनुरूप मजबूत चेक प्वाइंट बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना अनिवार्य है।”

नकली समीक्षाओं में वृद्धि की समस्या भी एक प्रमुख चिंता का विषय था, जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता थी। विशेषकर एएससीआई की एक हालिया रिपोर्ट से पता चला कि शिक्षा श्रेणी 2021-22 में विज्ञापन कोड का सबसे बड़ा उल्लंघनकर्ता है।

सचिव ने आईईसी को पारिस्थितिकी तंत्र की सेवा के लिए अपने सकारात्मक प्रयासों को जारी रखने और इस संबंध में एसओपी बनाने के लिए संबंधित हितधारकों के साथ एक संयुक्त कार्य समूह बनाने की सलाह दी।