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मुख्यमंत्री स्टालिन के करीबी व द्रमुक सांसद रमेश ने हत्या के मामले में किया आत्मसमर्पण

द्रमुक के वरिष्ठ नेता और कुड्डालोर लोकसभा क्षेत्र से सांसद टीआरवीएस रमेश ने सोमवार (11 अक्टूबर) को पनरुति में न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सीबी-सीआईडी ​​पुलिस ने उनके स्वामित्व वाली काजू प्रसंस्करण इकाई में एक कार्यकर्ता की हत्या के संबंध में उन पर मामला दर्ज किया था।

सांसद रमेश को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का करीबी माना जाता है। वह विगत कई दिनों से फरार थे। सीबी-सीआईडी ​​पुलिस ने 20 सितंबर को मेलममपट्टू के 60 वर्षीय गोविंदरासु की हत्या के आरोप में रविवार को पाँच लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी रमेश की इकाई के कर्मचारी थे।

गोविंदरासु सात वर्षों से सांसद के टीआरवी गायथिरी काजू इकाई में मजदूर के रूप में काम कर रहे थे।

गोविंदरासु के पुत्र जी सेंथिलवेल ने बताया कि 20 सितंबर को 2.25 बजे रमेश के निजी सहायक का फोन आया और सूचित किया गया कि उनके पिता ने इकाई में जहर खा लिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

गोविंदरासु के रिश्तेदारों ने बाद में उनकी बाईं आंख, चेहरे, गर्दन और शरीर के कई हिस्सों पर चोट और कपड़ों पर खून के धब्बे देखे। इस पर सेंथिलवेल ने रमेश, एम कंडावेल, एम अल्लाह पिचाई, के विनोथ और सुंदरराजन के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई।

गोविंदरासु पीएमके से जुड़े थे। इस वजह से पीएमके की कानूनी इकाई ने सीबीआई जाँच की मांग करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया व विरोध प्रदर्शन किया।

प्रारंभिक जाँच के अनुसार, गोविंदरासु काम से लौट रहे थे, तभी एक कर्मचारी ने तलाशी ली और उन पर 7 किलो काजू चोरी का आरोप लगाया। इस पर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बाद में कदकमपालियूर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

पुलिस ने घायल गोविंदरासु को अस्पताल ले जाने को कहा। हालाँकि, पीड़ित को कथित तौर पर काजू प्रसंस्करण इकाई वापस ले जाया गया। गोविंदरासु कुछ घंटों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए।