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पूर्वी लद्दाख में सैन्य वापसी को लेकर जल्द भारत-चीन के मध्य होगी कमांडर स्तर की वार्ता

पूर्वी लद्दाख में सैन्य वापसी अब भी अधूरा है। इसी को देखते हुए भारत और चीन ने एलएसी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए एक और दौर की कूटनीतिक वार्ता की और स्थिति को सुलझाने में सहायता करने के लिए वरिष्ठ कमांडरों के मध्य शीघ्र बैठक का आह्वान किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के निर्देश के बाद सरकार ने कहा कि उन्हें एलएसी के साथ शेष मुद्दों को शीघ्र हल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से चर्चा जारी रखनी चाहिए, ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति की बहाली के लिए स्थितियाँ उत्पन्न हो सकें।

सरकार ने कहा कि वे वर्तमान द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुसार, पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ सभी विवादित बिंदुओं से पूर्ण सैन्य वापसी के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के अगले (16वें) दौर को शीघ्र आयोजित करने के लिए सहमत हुए।

माना जा रहा है कि भारत ने बैठक में दोहराया कि द्विपक्षीय संबंधों में आगे बढ़ने के लिए सभी घर्षण बिंदुओं पर पूर्ण सैन्य वापसी आवश्यक है।

चीन के अनुसार, दोनों पक्षों ने मौजूदा स्थिति पर विचारों का स्पष्ट और गहन आदान-प्रदान किया और दोनों देशों के नेताओं द्वारा बनाई गई सहमति को गंभीरता से लागू करने पर सहमत हुए।

यह भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 24वीं बैठक थी और गत वर्ष नवंबर के बाद पहली बैठक थी।

बीजिंग में एक संवाददाता सम्मेलन में चीन ने अपनी स्थिति दोहराई कि सीमा प्रश्न पूरे चीन-भारत संबंधों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है और हमें इसे द्विपक्षीय संबंधों में उचित स्थिति में रखना चाहिए।