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इतिहासकार बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा दुःख

प्रख्यात इतिहासकार बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनके निधन ने इतिहास और संस्कृति की दुनिया में एक बड़ा शून्य छोड़ दिया है। आने वाली पीढ़ियाँ उनकी वजह से मराठा राजा शिवाजी से और जुड़ेंगी।

पद्म विभूषण से सम्मानित पुरंदरे, जिन्हें बाबासाहेब पुरंदरे के नाम से जाना जाता है, का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया। 99 वर्षीय पुरंदरे शिवाजी के जीवन पर अपनी विशेषज्ञता के लिए पहचाने जाते थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “मैं अपनी पीड़ा शब्दों में बयाँ नहीं कर सकता हूँ। शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे का निधन इतिहास और संस्कृति की दुनिया में एक बड़ा शून्य छोड़ गया है। उन्हीं की बदौलत आने वाली पीढ़ियाँ छत्रपति शिवाजी महाराज से और जुड़ेंगी। उनके अन्य कामों को भी याद किया जाएगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरंदरे मज़ाकिया और बुद्धिमान थे और उन्हें भारतीय इतिहास का समृद्ध ज्ञान था।

उन्होंने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन का एक वीडियो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, “मुझे विगत कुछ वर्षों से उनसे अत्यंत निकटता से वार्ता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। कुछ माह पूर्व, उनके शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित किया था।”

मोदी ने उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे अपने व्यापक कार्यों की वजह से हमेशा जीवित रहेंगे।