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“पारंपरिक धार्मिक आयोजन हों पर बिना स्वीकृति शोभायात्रा ना निकले”- योगी आदित्यनाथ

देश के कई जिलों में रामनवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर निकाले गए धार्मिक जुलूस के दौरान हुई हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को प्रदेश में बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ मंगलवार शाम को समीक्षा बैठक की।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए कि केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों की अनुमति दी जाए, जो पारंपरिक हों। नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति ना दें।

उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व-त्योहर और अक्षय तृतीया एक ही दिन होना संभावित है। ऐसे में वर्तमान परिवेश को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त संवेदनशील रहने की आवश्यकता होगी।”

मुख्यमंत्री ने थानाध्यक्षों से लेकर एडीजी तक को निर्देश दिए, “वे अगले 24 घंटे की भीतर अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों के साथ संवाद बनाएँ। साथ ही ये भी सुनिश्चित करें कि धार्मिक कार्यक्रम, पूजा-पाठ आदि निर्धारित स्थान पर हों और सड़क मार्ग व यातायात बाधित कर आयोजन न हों।”

उन्होंने कहा, “भड़काऊ या शरारती बयानबाजी करने वालों के साथ कड़ाई करें। माहौल खराब करने वालों के साथ पूरी कठोरता की जाए। वहीं, धार्मिक स्थलों पर माइक का प्रयोग हो लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि उसकी आवाज़ परिसर से बाहर ना जाए और किसी को असुविधा ना हो। पुलिस नए स्थानों पर माइक लगाने की अनुमति ना दे।”

योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कमिश्नर से लेकर थानाध्यक्ष स्तर तक के सभी पुलिस अधिकारियों के अवकाश 4 मई तक के लिए निरस्त कर दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जो अधिकारी वर्तमान में अवकाश पर हैं, वे अगले 24 घंटे में अपने तैनाती स्थल पर वापस लौट आएँ।