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चीन ने जम्मू-कश्मीर में जी-20 बैठक करने की भारत की कथित योजनाओं का विरोध किया

चीन ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में अगले वर्ष जी-20 नेताओं की बैठक आयोजित करने की भारत की कथित योजनाओं का विरोध किया। साथ ही करीबी सहयोगी पाकिस्तान की आपत्ति को उठाते हुए रेखांकित किया कि संबंधित पक्षों को एकतरफा कदम से बचना चाहिए, जो स्थिति को जटिल कर सकते हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने आधिकारिक मीडिया के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए गुरुवार को बीजिंग में एक प्रेसवार्ता में कहा, “हमने इस नवीनतम विकास पर ध्यान दिया है।”

झाओ ने कहा, “कश्मीर मुद्दे पर चीन की स्थिति स्पष्ट है। भारत व पाकिस्तान के मध्य पहले से मुद्दा चला आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के संबंधित प्रस्तावों और द्विपक्षीय सहमतियों के अनुरूप इसका उचित समाधान निकाला जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “जी-20 अंतर-राष्ट्रीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग का एक प्रमुख मंच है। हम संबंधित पक्षों का आह्वान करते हैं कि आर्थिक रूप से उबरने पर ध्यान दें, इस प्रासंगिक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचें और वैश्विक आर्थिक शासन को सुधारने के लिए सकारात्मक योगदान दें।”

यह पूछे जाने पर कि क्या जी-20 का सदस्य चीन 2023 में होने वाली बैठक में सम्मिलित होगा? इस पर उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि चीन बैठक में सम्मिलित होगा या नहीं।”

चीन पीओके के विवादित क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का निर्माण कर रहा है और इस पर भारत ने भी आपत्ति जताई है, इस प्रश्न पर झाओ ने कहा, ” दोनों मामले बिल्कुल अलग प्रकृति के हैं। चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और लोगों की आजीविका में सुधार करने में सहायता करने हेतु पाकिस्तान में कुछ परियोजनाएँ शुरू की हैं।”