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लद्दाख में पावर ग्रिड तीन बार हैक करने का चीन का प्रयास पर विफल रहा- आरके सिंह

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को कहा कि चीन ने दिसंबर 2021 से तीन बार लद्दाख में स्थित रणनीतिक पावर ग्रिड को हैक करने के लिए साइबर हमले किए थे लेकिन सफल नहीं हो पाए क्योंकि इस तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा उपाय किए गए थे।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था उपलब्ध है।

रिपोर्टों के अनुसार, हैकरों ने दो परमाणु पड़ोसियों द्वारा लड़े गए विवादित सीमा क्षेत्र के पास विद्युत प्रेषण और ग्रिड नियंत्रण करने के लिए ज़िम्मेदार सात भारतीय राज्य केंद्रों को निशाना बनाया था।

हैकरों के समूह ने कथित तौर पर ट्रोजन शैडोपैड का उपयोग किया था। माना जाता है कि इसे चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के ठेकेदारों ने विकसित किया था, जिससे यह निष्कर्ष निकला कि यह एक प्रायोजित हैकिंग प्रयास था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हमने रिपोर्ट देखी है। एक तंत्र उपस्थित है, ताकि ऐसे मामलों में हमारा महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर लचीला बना रहे। हमारे पास सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है।”

बिजली मंत्री आरके सिंह ने स्वीकारा कि चीन ने प्रयास किए थे लेकिन उन्होंने कहा, “इस तरह की घुसपैठ के विरुद्ध भारत की सुरक्षा मजबूत थी। ये दिसंबर, जनवरी और फरवरी में हुए हमलों की जाँच कर रहे थे। वे सफल नहीं हुए लेकिन हम जागरूक हैं। 2018 में देश की बिजली आपूर्ति प्रणाली पर संदिग्ध साइबर हमलों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी।”

उन्होंने कहा, “हमने प्रोटोकॉल बनाए थे। वे प्रोटोकॉल काम कर रहे हैं और हम हर दिन उन प्रोटोकॉल को मजबूत कर रहे हैं।”

इस बीच, बीजिंग में, चीनी सरकार ने उन खबरों का खंडन किया कि उसके हैकर्स ने लद्दाख में भारतीय पावर ग्रिड को निशाना बनाया था।