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चीन एलएसी पर अपने दावों को बनाए रखने हेतु सामरिक कार्रवाई कर रहा- अमेरिका

अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने कहा कि चीन भारत के साथ एलएसी पर अपने दावों को बनाए रखने के लिए क्रमिक और सामरिक कार्रवाई कर रहा है।

3 नवंबर को जारी वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा विभाग ने रेखांकित किया कि 2020 में गतिरोध के दौरान चीन ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश के मध्य विवादित क्षेत्र के भीतर एक बड़ा 100 घरों वाला नागरिक गाँव बनाया।

गाँव के साथ अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के प्रयास भारत सरकार और मीडिया में घबराहट का स्रोत रहे हैं। 2021 के वसंत में सेना वापसी के समझौतों के बावजूद दोनों पक्ष एलएसी पर सैनिकों को बनाए रखे हैं क्योंकि कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।

गलवान घाटी की झड़पों का उल्लेख कर कहा कि 8 सितंबर 2020 को पीएलए के एक गश्ती दल ने पैंगोंग झील के पास एक भारतीय गश्ती दल पर चेतावनी के साथ गोलियाँ दागीं। इस तरह दशकों बाद एलएसी पर गोली चलाई गई।

भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के अधिकारियों ने भी कहा कि जब भारतीय और चीनी सैनिक कैलाश रेंज और पैंगोंग त्सो के उत्तरी तट पर ऊँचाई के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय दोनों पक्षों की ओर से चेतावनी देकर गोलीबारी की गई थी।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि जून 2021 तक पीआरसी और भारत एलएसी पर बड़े पैमाने पर तैनाती जारी रखे हैं और इनको बनाए रखने के लिए सारी व्यवस्थाएँ करते हैं, जबकि सेना वापसी ने इस दिशा में सीमित ही प्रगति की।

मई 2020 से पीएलए ने सीमा पार से भारतीय-नियंत्रित क्षेत्र में घुसपैठ की शुरुआत की और एलएसी के साथ कई गतिरोध वाले स्थानों पर सैनिकों को केंद्रित किया। वहीं, तेज़ी से प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए तिब्बत और शिनजियांग सैन्य जिलों से एक पर्याप्त रिजर्व बल पश्चिमी चीन के अंदरूनी हिस्सों में तैनात किया गया था।