रक्षा
चीन द्वारा जारी गलवान संघर्ष का वीडियो संपादित, पत्थरबाज़ी करते दिखे पीएलए सैनिक

गत वर्ष गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प का एक नया वीडियो सामने आया। ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस हैंडल @डेटरेस्फा द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किया गया वीडियो संघर्ष में मारे गए पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों के परिवारों का चीनी मीडिया द्वारा एक साक्षात्कार का हिस्सा है।

यह झड़प पूर्वी लद्दाख में पेट्रोल बिंदु 14 के करीब गलवान घाटी में हुई थी, जहाँ भारतीय सेना और पीएलए के बीच गतिरोध था। गतिरोध अब भी एलएसी पर कई घर्षण बिंदुओं पर जारी है।

इस अत्यधिक संपादित वीडियो में पीएलए भारतीय सैनिकों पर ऊँचे स्थान से पथराव करते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय और चीनी सैनिकों को गलवान नदी के चट्टानी तट पर एक-दूसरे को धक्का देते देखा जा सकता है।

रात होने के बाद कुछ चीनी सैनिकों को फ्लैशलाइट के साथ दूसरों को तेज़-बहती धारा से बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है।

यह वीडियो तब सामने आया, जब चीन ने स्वीकारा कि उसने भारत के साथ संघर्ष में अपने सैनिकों को खो दिया और मारे गए चार अधिकारियों और एक सैनिक का नाम लिया। हालाँकि, चीन द्वारा दी गई संख्या को स्वतंत्र विशेषज्ञों ने खारिज किया है। वे कहते हैं कि संघर्ष में दर्जनों चीनी सैनिकों के मारे जाने की संभावना है।

अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि चीन ने गलवान संघर्ष में अपने 35 सैनिक खोए होंगे।

इस माह की शुरुआत में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपल्स डेली के स्वामित्व वाले एक प्रोपोगेंडा पोर्टल ग्लोबल टाइम्स ने सुझाव दिया था कि संघर्ष में कम से कम एक और चीनी सैनिक की मौत हुई थी।

ग्लोबल टाइम्स ने कहा, “33 वर्षीय चेन होंगजुन ने जून 2020 में गलवान घाटी में भारत से टकराव में अपने चार अन्य साथियों के साथ जीवन का बलिदान दिया था।”, जो दर्शाता है कि पाँचवे सैनिक की भी मौत हुई थी।

ग्लोबल टाइम्स ने बाद में दावा किया कि यह एक त्रुटि थी और इसको अपडेट किया गया है। गत वर्ष जून में हुई झड़पों के बाद चीन ने गलवान घाटी में मारे गए पीएलए सैनिकों की संख्या जारी करने से मना कर दिया था। संघर्ष के महीनों बाद चार सैनिकों की मौत का आँकड़ा जारी किया गया था।

हाल ही में बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच नई झड़प हुई थी।

रिपोर्ट में कथित संघर्ष की तिथि का खुलासा नहीं किया गया था (बाद में लेखक द्वारा 3 जुलाई 2021 को एक साक्षात्कार में खुलासा किया गया था)। भारतीय सेना ने इसे झूठा और आधारहीन बताया। सेना ने कहा था कि बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट भ्रामक और गलत सूचनाओं से भरी है।

शनिवार (31 जुलाई) को भारत और चीन ने गोगरा व हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र और डेपसांग मैदानों में अपनी-अपनी सेना वापसी पर चर्चा के लिए कोर कमांडर स्तरीय 12वें दौर की वार्ता की थी।

हालिया रिपोर्टों में कहा गया कि दोनों पक्ष हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र के पास पेट्रोल बिंदु 17 ए पर गतिरोध को हल करने के लिए एक समझौते पर पहुँचे हैं लेकिन अन्य गतिरोध बिंदुओं पर संघर्ष को हल करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ है। वहाँ भारतीय सेना के सैनिक और उपकरण बड़ी संख्या में तैनात रहते हैं।