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चीन दक्षिण चीन सागर के कृत्रिम द्वीपों पर बढ़ा रहा हथियार, उपग्रह छवियों से खुलासा

उपग्रहों द्वारा ली गईं छवियों से जानकारी प्राप्त हुई कि दक्षिण चीन सागर के कृत्रिम द्वीपों पर चीन हथियारों की संख्या में वृद्धि कर रहा। छवियों में कई लड़ाकू विमान, गश्ती विमान, भारी परिवहन, हेलीकॉप्टर और विमान भेदी मिसाइल दिख रहीं, जिसे पड़ोसी देश ने तैनात किया है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एक मीडिया समूह ने उपग्रह की छवियों के आधार पर बताया कि मई और जून में स्प्रैटली द्वीप समूह में बनाए गए सैन्य अड्डों पर चीन ने केजे-500 हवाई और नियंत्रण विमान तैनात किया है।

दूसरे उपग्रह की छवियों में सूबी रीफ पर बने हवाई अड्डे पर वाई-9 परिवहन विमान और जेड-8 भारी परिवहन हेलीकॉप्टर खड़े दिखाई दिए। चीन ने कुछ समय पूर्व इस द्वीप के निकट एक बड़ा नौसेनिक अभ्यास किया था। इसमें उसके पहले विमान कैरियर लियाओनिंग के साथ उसके कैरियर स्ट्राइक समूह ने भी हिस्सा लिया था।

चीन के इन कदमों से ताइवान, वियतनाम, जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्रुनेई और फिलीपींस नाराज़ हैं और इनसे उसका विवाद भी गहराता जा रहा है। जानकारी मिली है कि ड्रैगन ने उन हवाई क्षेत्रों से नियमित हवाई संचालन भी शुरू कर दिया है। ऐसे में द्वीप के निकट से गुज़रने वाले दूसरे देशों की नौसेनाओं के लिए खतरा बढ़ जाएगा।

बता दें कि जापान ने अपने रक्षा श्वेत पत्र 2020 में कहा था कि चीन स्थानीय समुद्रों में क्षेत्रीय दावे करने की प्रयास में जुटा है।वह अपने प्रभाव का विस्तार करने और सामरिक वर्चस्व कायम करने के लिए कोविड-19 महामारी का भी उपयोग कर रहा।